मुंगेली, 17 जून 2025 । जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के उद्देश्य से ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत 106 ग्राम पंचायतों के 168 ग्रामों में ग्राम स्तरीय जल संगोष्ठियों की श्रृंखला प्रारंभ की गई है। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संकट की गंभीरता से अवगत कराना एवं सामूहिक प्रयासों से समाधान के लिए प्रेरित करना है। संगोष्ठियों में ग्राम पंचायतों की जल पंचायत समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामवासियों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस दौरान गिरते भूजल स्तर के प्रमुख कारणों जैसे कि अत्यधिक जल दोहन, जल निकासी की व्यवस्था का अभाव, वर्षा जल का संचयन न होना, तथा वनों की अंधाधुंध कटाई पर गहन विमर्श किया गया।

ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन, परंपरागत जल स्रोतों के पुनर्जीवन, खेत तालाबों के निर्माण, तथा घर-घर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, जीआईएस तकनीक के माध्यम से प्रत्येक ग्राम की भूजल स्थिति, जल उपयोग डेटा और वॉटर बजटिंग की अवधारणा को सरल रूप में समझाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचना स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि हर घर जल संरक्षण में सहभागी बन सके। इस जनजागरूकता पहल को व्यापक बनाने हेतु ग्राम भ्रमण, जन जागरूकता रैलियां, दीवार लेखन, वीडियो प्रदर्शन, लोकगीत और नुक्कड़ नाटकों का सहारा लिया जा रहा है। सभी ग्राम पंचायतों में क्षेत्रवार सर्वेक्षण कर विस्तृत विकास परियोजना प्रतिवेदन तैयार की जाएगी।

कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशानुसार, ‘मोर गांव मोर पानी’ कमांड सेल के माध्यम से इस अभियान की सतत निगरानी की जा रही है। साथ ही, प्रत्येक दिन की प्रगति रिपोर्ट संकलित कर विश्लेषण किया जा रहा है। यह अभियान न केवल ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता जागृत कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त बना रहा है।

 

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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