कवर्धा – वीर शहीदों का सम्मान नहीं | जी हाँ आप बिलकुल सही पढ़ रहे हैं | हम बात कर रहे हैं शहर कवर्धा स्थित बालोद्यान के बारे में | जहाँ पर वीर शहीदों की एक नही दो नही सीधे पाँच मूर्तियाँ उपेक्षित रखी हुई हैं |
साथ ही हम आपको यह बता दे कि इस बालोद्यान का नाम झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई के नाम पर रखा गया है और यह नगर पालिका परिषद कवर्धा के अधीन है जिस वजह से वहाँ के साफ – सफाई एवं देखरेख की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद कवर्धा की है |
दिनांक 17/11/2025 को यह देखा गया कि शहर कवर्धा स्थित बालोद्यान के अंदर देश के महान शहीदों की पाँच मूर्तियाँ जहाँ पर रखी गई हैं आज वहाँ पर घाँस फूंस और पौधें इस तरह से उग गए हैं कि उनकी मूर्तियाँ स्पष्ट नजर नही आती | यह स्थिति साफ सफाई को लेकर नगर पालिका के उदासीनता को दर्शाता है | रात में यह आलम रहता है कि रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नही होने के कारण मूर्तियों के पास अंधेरा छाया रहता है और मूर्तियाँ दिखाई नहीं देती | ये सभी वही मूर्तियाँ हैं जो यहाँ रखने से पूर्व शहर के एकलौते सिगनल चौक के किनारे स्थापित थी |







