
मुंगेली 03 अप्रैल 2026 । कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में विकास कार्यों की रफ्तार को तेज करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला पँचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित प्रमुख योजनाओं विशेषकर जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 2.0) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
आमजनों को जल संरक्षण के लिए करें प्रेरित, जल संचय योजना में लाएं त्वरित प्रगति: सीईओ प्रभाकर पाण्डेय
बैठक में जिला पंचायत सीईओ पांडेय ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ समय-सीमा के भीतर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
जल संचय ही भविष्य की आवश्यकता: JSJB 2.0 पर विशेष जोर
बैठक के प्रथम चरण में जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 2.0) की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सीईओ ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।
जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, कुएं एवं नालों के पुनरुद्धार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नए जल संचय ढांचों जैसे चेक डैम, सोख्ता गड्ढे एवं स्टॉप डैम के निर्माण को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई।
जिला पँचायत सीईओ ने जन भागीदारी को इस अभियान की सफलता का मुख्य आधार बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों को सक्रिय रूप से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया जाए।
मनरेगा के साथ बेहतर समन्वय के निर्देश
जल संचय कार्यों को गति देने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। सहायक परियोजना अधिकारियों (मनरेगा) को स्पष्ट रूप से कहा गया कि वे जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता सूची में शामिल करें। तकनीकी सहायकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सीईओ ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति पर नाराजगी
बैठक के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा की गई। इस दौरान योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सीईओ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि “हर पात्र हितग्राही को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
आवास मित्रों और इंजीनियरों की जवाबदेही तय
जिला पंचायत सीईओ ने सभी आवास मित्रों, इंजीनियरों एवं तकनीकी सहायकों को निर्देशित किया कि वे फील्ड में सक्रिय रूप से जाकर निर्माण कार्यों की निगरानी करें। हितग्राहियों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन देने के साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन हितग्राहियों के आवास अधूरे हैं, उनके कार्य में आ रही बाधाओं की पहचान कर तत्काल समाधान किया जाए।
किस्त भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
आवास निर्माण में आ रही देरी का एक प्रमुख कारण समय पर किस्त भुगतान न होना भी बताया गया। इस पर सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण के विभिन्न चरणों के अनुसार हितग्राहियों को राशि का भुगतान समय पर किया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी होने से निर्माण कार्य प्रभावित होता है, जिससे योजना की प्रगति धीमी पड़ती है। अतः सभी लंबित भुगतान प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
बैठक के दौरान सीईओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक, सहायक परियोजना अधिकारी (मनरेगा), मुंगेली, लोरमी एवं पथरिया जनपद पंचायतों के सीईओ, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ), सभी आवास मित्र, इंजीनियर तथा तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।





