राशि आहरण करने के बाद भी नहीं हुआ है कुछ काम | ग्राम पंचायत सिंघनपुरी (गोछिया) का है यह मामला
10 लाख रुपए मिल चुका है लगभग छः माह पूर्व | डी एम एफ मद की राशि से जुड़ा है यह कारनामा |

सहसपुर लोहारा – राशि आहरण कर लिया गया लेकिन धरातल में कुछ काम नजर नहीं आ रहा है क्योंकि ग्राम पंचायत द्वारा कुछ काम नहीं किया गया है |
जी हाँ हम आपको एक ऐसे ग्राम पंचायत के कारनामों के बारे में बता रहे हैं जहाँ के सरपंच और सचिव के द्वारा डी एम एफ की राशि तो आहरण तो कर लिया गया है लेकिन सी सी सड़क का निर्माण अभी तक नहीं किया गया है |
सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम जब ग्राम सिंघनपुरी (गोछिया) पहुँची तो यह बात सामने आई कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी द्वारा शासकीय राशि का कैसे दुरूपयोग किया जाता है और भृष्टाचार को कैसे बढ़ावा दिया जाता है |
सबसे पहले हम आपको यह बता दे कि यह ग्राम एक ग्राम पंचायत है जो जिला कबीरधाम के जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा के अंतर्गत आता है | जिला मुख्यालय कवर्धा से यह ग्राम लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |
ग्राम के निवासी महादेव कौशिक ने सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में वह सहकारी समिति के अध्यक्ष पद पर पदस्थ है | ग्राम पंचायत के लिए डी एम एफ मद से सी सी सड़क के लिए 20 लाख रुपया स्वीकृत हो चुका है और राशि 10 लाख रुपये ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा आहरित भी किया जा चुका है लेकिन कुछ काम नहीं किया गया है | यह सी सी सड़क ग्राम के निवासी रामकुमार कौशिक के घर से लेकर परदेशी राम कौशिक के घर तक बनाया जाना है | जिस जगह में सी सी सड़क बनाया जाना है उस जगह पर दिखावे के लिए कुछ स्थानों पर मुरुम गिरवा दिया गया है | उल्लेखनीय है कि यह राशि ग्राम पंचायत को लगभग छः माह पूर्व मिल चुकी है | राशि जारी करने वाला विभाग जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा है | हद तो तब हो गई जब राशि जारी करने वाले विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों ने इस कार्य के संबंध में कोई सुध नहीं ली |
आरोपों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उसने बताया कि हमारे ग्राम पंचायत में कय्युम खान नामक व्यक्ति सचिव के पद पर पदस्थ है और वह अपने गृहग्राम वीरेंद्र नगर से आना – जाना करता है | प्रत्येक कार्यदिवस में नहीं आता है सिर्फ बैठक जैसे कार्य में उपस्थित रहता है |
जब हमारे द्वारा ग्राम पंचायत के सरपंच के बारे में जानकारी ली गई तो जो जानकारी सामने आई वो हैरान कर देने वाली हैं | कौशिक ने आगे बताया कि ग्राम पंचायत में मंजु रामदेव नामक महिला सरपंच है जो आश्रित ग्राम पेंड्री में निवास करती है वो ग्राम पंचायत के किसी भी कार्य को देखने नहीं आती है और ना ही ग्रामीणों के संपर्क में रहती है | प्रस्तावित जगह में सी सी सड़क का निर्माण नहीं करने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है जिससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है |




