
बेमेतरा – नवरात्रि पर्व के नौवे दिन श्रद्धालुओ ने सिद्धि माता के मन्दिर में पहुँचकर माता का दर्शन किये | उल्लेखनीय है कि नवरात्रि का नौवा दिन होने के साथ ही भगवान् श्री राम का जन्मोत्सव भी था |
उल्लेखनीय है कि सिद्धि माता का मन्दिर ग्राम संडी में है | ग्राम संडी जिला बेमेतरा का एक महत्वपूर्ण ग्राम है | यह ग्राम जिला मुख्यालय बेमेतरा से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | इस ग्राम में पहुँचने के लिए पहले बेमेतरा दुर्ग मार्ग में लगभग पाँच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है फिर ग्राम डुण्डा से बाँई ओर मुड़कर लगभग दस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है | ग्राम डुण्डा से बाँई ओर मुड़कर चलने पर रास्ते में दो ग्राम पहला ग्राम उघरा एवं दूसरा ग्राम बैजलपुर मिलते हैं | रास्ते में मिलने वाले ग्राम उघरा में माँ अन्नापूर्णा का मन्दिर है |
सिद्धि माता के मन्दिर के कुछ पहले श्रद्धालुओ के लिए नल की व्यवस्था है जहाँ पर वो पानी पी सकते है और अपना हाथ-पैर धो सकते है | यही पर सिंह की दो विशालकाय मूर्तियाँ स्थापित की गई है जो देखने में बहुत ही सुंदर है | यहाँ से कुछ कदम की दूरी पर सिद्धि माता का मुख्य मन्दिर है | मन्दिर के आसपास अनेक दुकानें लगी हुई थी | अनेक दुकानों के होने से ग्राहकों की भारी भीड़ थी जिससे अच्छी खासी रौनकता थी |
मुख्य मन्दिर में प्रवेश करते ही सामने सिद्धि माता का दर्शन होता है | सिद्धि माता दो सिंहों के बीच में विराजित है | उसके सामने एक त्रिशूल भी है | मुख्य मन्दिर में प्रवेश करने के बाद बाँई ओर एक देवी की मूर्ति दिखाई देती है | मुख्य मन्दिर के दीवारो में अनेक धार्मिक तस्वीर बनाये गये है | एक तस्वीर में प्रभु श्री राम माता जानकी एवं अपने अनुज लक्ष्मण के साथ नाव में बैठकर सरयू नदी को पार कर रहे है | एक तस्वीर हनुमान का है | भगवान् भोलेनाथ अपने नंदी बैल के साथ एक तस्वीर में है | एक तस्वीर में भगवान् श्री कृष्ण अपनी मां यशोदा के साथ है | माखन खाते हुए भगवान् श्री कृष्ण की तस्वीर मनमोहक है |
मां दुर्गा के नौ रूप को दिखाने के लिए नौ मूर्तियों की स्थापना की गई है | जो क्रमशः इस तरह है मां शैलपुत्री, मां ब्रंहचारिणी, माँ चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, माँ कात्यायनी, माँ कालरात्रि, माँ महागौरी, माँ सिद्धिदात्री |
सिद्धि माता का दर्शन करने के लिए आसपास के ग्रामों के ग्रामीण, दूरस्थ शहरों के लोग, अन्य जिले एवं राज्य के लोग बड़ी संख्या में आते है |





