कवर्धाकबीरधामछत्तीसगढ़

भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए कलेक्टर वर्मा ने ली अधिकारियों की समीक्षा बैठक

कलेक्टर ने कहा-लंबित प्रकरणों का शासन की गाइडलाईन अनुसार जल्द करें निराकरण

कवर्धा, 12 नवम्बर 2025। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में राजस्व व निर्माण एजेंसी के अधिकारियों की गहन समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के अंतर्गत लंबित भू-अर्जन के प्रकरणों की बारी-बारी से समीक्षा करते हुए अद्यतन स्थिति की जानकारी ली तथा प्रकरणों की जल्द निराकरण के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जगमड़वा जलाशय परियोजना, बड़ौदाखुर्द जलाशय परियोजना, बकेला एवं क्रांति फीडर परियोजना, घठोला जलाशय परियोजना, रामपुर-बरेण्डा व्यपवर्तन परियोजना, कोयलारी व्यपवर्तन परियोजना, हेम्प व्यपवर्तन परियोजना, राली व्यपवर्तन परियोजना, भोरमदेव सकरी फीडर परियोजना, कपाटनाला व्यपवर्तन परियोजना, मोहपाड़ जलाशय परियोजना, सुतियापाट मध्यम जलाशय परियोजना, खम्हरिया व्यपवर्तन परियोजना, नेवासपुर जलाशय परियोजना, झिपनिया जलाशय परियोजना, जगमड़वा से गजईडबरी मार्ग निर्माण कार्य, कोदवा-सुरूंगदहरा मार्ग में सकरी नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य और अमेरा से सिली मार्ग के नीरा नदी पर उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंचमार्ग निर्माण कार्य के अंतर्गत लंबित ग्राम के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में भू-अर्जन प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की जानकारी संबंधित क्षेत्र के राजस्व और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित ग्रामों के भू-अर्जन एवं निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि परियोजनाओं का लाभ शीघ्रता से आमजन तक पहुंच सके।

कलेक्टर वर्मा ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग केन्द्रीय मुल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा जारी बाजार मूल्य निर्धारण के लिए गाइडलाईन दरों से संबंधित उपबंध-2025 की कंडिका-3 के अनुसार ’’ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग से दोनों ओर 50 मीटर की दूरी (गहराई) तक स्थित भूमियों को सड़क से लगी मानकर उसके लिए निर्धारित दर के अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा। परन्तु यह भी कि यदि कोई पक्षकार 50 मीटर की गहराई/दूरी से अधिक गहराई तक की भूमि क्रय करता है तब संपूर्ण रकबा को मुख्य सड़क से लगा हुआ मानकर बाजार मूल्य की गणना की जाएगी।’’ तथा कंडिका-9 के अनुसार ’’असिंचित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि की दर से 20 प्रतिशत कमी कर किया जाएगा।’’ कलेक्टर ने आगामी 10 दिनों के पश्चात भू-अर्जन निराकरण की पुनः समीक्षा किए जाने की बात कहीं। समीक्षा बैठक में आर.बी. देवांगन डिप्टी कलेक्टर (प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा जिला कार्यालय कबीरधाम), संदीप ठाकुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी पंडरिया, सागर सिंह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी बोड़ला, सुश्री शिल्पा देवांगन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, सहसपुर लोहारा, चेतन साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी कवर्धा तथा कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (सेतु) निर्माण एवं निर्माण एजेंसी के अनुविभागीय अधिकारी तथा उपअभियंता/ सहायक अभियंता उपस्थित हुए।

 

 

 

Shailendra Gupta

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