बेमेतराछत्तीसगढ़

“बोर्ड ऑफ विजिटर्स” द्वारा जिला जेल का निरीक्षण, बंदियों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता देने के निर्देश

बेमेतरा, 19 मार्च 2026 । छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आज जिला जेल बेमेतरा का “बोर्ड ऑफ विजिटर्स” द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का नेतृत्व सरोज नंद दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा ने किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक, एडीएम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा जिला औद्योगिक अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। “जेल लीगल एड क्लीनिकों” के कार्यों को मजबूत बनाने और बंदियों को समय पर प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एसओपी 2016 तथा कंडिका 225 के परिपालन में निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा जेल में संधारित रजिस्टरों का परीक्षण किया गया तथा यह पाया गया कि रजिस्टरों में जाति कॉलम या जाति से संबंधित किसी प्रकार का उल्लेख नहीं किया गया है। इसके साथ ही सभी बैरकों में जाकर बंदियों से अलग-अलग चर्चा की गई, जिसमें बंदियों ने जेल में किसी प्रकार के जातिगत भेदभाव से इंकार किया। जेल में बंदियों के मनोरंजन के लिए दो बैरकों में टीवी की व्यवस्था की गई है, जिसमें योग, आध्यात्मिक कार्यक्रम, भजन, समाचार आदि प्रसारित किए जाते हैं। इसके अलावा बंदियों को तबला, ढोलक, झांझ, मंजिरा जैसे वाद्ययंत्र तथा लूडो और चेस जैसी खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।

पानी की व्यवस्था की समीक्षा में पाया गया कि जेल में तीन ट्यूबवेल हैं, जिनमें से एक बंद है। परिसर के अंदर एक पानी टंकी तथा बाहर एक ओवरहेड टंकी उपलब्ध है। भोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बोर्ड ने निर्देश दिया कि जेल मैनुअल के अनुसार प्रतिदिन बदलते मेन्यू के साथ मौसमी सब्जियां और दालें दी जाएं तथा भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा में बताया गया कि जिला जेल में डॉ. सुभाष साहू चिकित्सा अधिकारी के रूप में पदस्थ हैं, जो प्रत्येक मंगलवार को बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के लिए उपस्थित रहते हैं, जबकि एक फार्मासिस्ट प्रतिदिन उपलब्ध रहता है।

निरीक्षण के दौरान जेल लीगल एड क्लीनिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, बंदियों को दिए गए कपड़ों की स्थिति, शौचालयों तथा अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही विचाराधीन बंदियों को साक्षर बनाने के लिए साक्षरता मिशन के अंतर्गत “उल्लास प्रवेशिका” पुस्तक का वितरण किया गया तथा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया गया।

 

 

 

 

 

 

Shailendra Gupta

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