दुर्ग। दुर्ग के बघेरा निवासी एक ससुराल पक्ष वालों ने अपने विधवा बहु और
उसके बेटे को घर से बाहर निकालकर उनके पूरे सामान को सडक पर फेंक देने का
मामला सामने आया है। पीडित बहु व उसके पुत्र ने पुलिस व कलेक्टर से न्याय
की गुहार लगा रही है, कलेक्टर के आदेश पर पीडित बहु व बेटे को सखी सेंटर
में रखा गया है, लेकिन उनका सामान सड़क पर ही उनका सामान पडा है।

पुलिस के पास फरियाद लेकर जाने पर पुलिस जब उसके ससुराल बघेरा समझाने पहुंची तो
सास ने अपने आप पर मिट्टी तेल डाल ली और आग लगाने की धमकी दी जिसके कारण
पुलिस बैरंग वापस लौट गई। उसके पश्चात जब महिला पुलिस ने समझौता के लिए
बुलाया तो ससुराल पक्ष अस्पताल में भर्ती हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार  बहु का सामान घर से उस समय ससुराल पक्ष वालों ने फेंका जब वे
अपनी बहन को देखने अस्पताल गई थी, उसके बाद जब बहु घर के अंदर जाने लगी
तो उसके सास, ससुर व देवर ने उसको घर के अंदर प्रवेश नही करने दिया व
धक्का मारकर बाहर निकाल दिया।

बताया जा रहा है कि महिला के पति की मौत 2021 में हो चुकी है, अब वह
ससुराल वालों के साथ ही अपने बेटे के साथ रह रही थी। लेकिन सास, देवर और
देवरानी लगातार विवाद करते हुए उसे घर से बाहर निकालने का षडयंत्र करते
थे। एक दिन वह अपनी अस्पताल में भर्ती बहन को देखने गई, वापस आकर देखा तो
ससुराल वालों ने उसका पूरा सामान सड़क पर निकाल दिया। घर पर जाने की
गुहार लगाने पर भी उसे और उसके बेटे को घर में भीतर नहीं आने दिया।


पुलिस से सहयोग लेने पर जब पुलिस कर्मी उसकी सास को समझाने भीतर गया, तो
सास ने अपने ऊपर मिट्टी तेल डालने का खौफ  दिखाया जिससे डर के मारे पुलिस
कर्मी वापस लौट गया। अब महिला लगातार पुलिस, कलेक्टर के पास अपने लिए
न्याय की गुहार लगा रही है तो वहीं उसे सखी सेंटर में रखा गया है लेकिन
न्याय पर से उसका विश्वास टूटते जा रहा है।

वहीं सखी सेंटर के द्वारा ससुराल पक्ष को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन ससुराल पक्ष हॉस्पिटल
में भर्ती हो गया, अब सखी सेंटर भी इस मामले में कार्यवाही के लिए असमर्थ
नजर आ रहा है।

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By Shailendra Gupta

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