बिलासपुर: बिलासपुर के मस्तूरी ब्लॉक में ग्राम पंचायत सोन के सरपंच पति और कियोस्क संचालक पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के पैसे गबन करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, सरपंच पति ने हितग्राहियों की किश्त की राशि को अपने बैंक खाते में जमा कर लिया।जांच कमेटी ने 25 पृष्ठों की रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को सौंपी है, जिसमें सरपंच पति अशोक कैवर्त और कियोस्क संचालक साबित केंवट को दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के बाद, जिला पंचायत सीईओ ने मस्तूरी एसडीएम को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही, महिला सरपंच के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम पंचायत सोन में 224 आवासों की स्वीकृति दी गई थी। हितग्राहियों को पहली किश्त की राशि दी जा चुकी थी, लेकिन सरपंच पति द्वारा 5,000 रुपये की राशि अनाधिकृत रूप से ली जा रही थी।जांच टीम ने लाभार्थियों के घर-घर जाकर जानकारी जुटाई, जिसमें कुछ लाभार्थियों ने सरपंच पति द्वारा राशि की मांग की पुष्टि की। अन्य ने इससे इनकार किया।सरपंच पति ने जांच टीम के सामने यह दावा किया कि वह हितग्राहियों को राशि देने के लिए उनके खाते में स्थानांतरित कर रहे थे, जबकि कियोस्क संचालक ने फोन पे के जरिए पैसे ट्रांसफर करने की बात कही।जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए हैं।Post navigationफेसबुक लाइव पर दर्दनाक घटना: रेलवे कर्मी की पत्नी ने फांसी पर लटककर दी जान शिक्षक बनने की होड: आत्मानंद स्कूलों में 187 पदों के लिए 40,800 आवेदन