बिलासपुर, 17 अप्रैल 2026 । कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रार्थना सभा भवन में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं जिले की सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों की संयुक्त मैराथन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ 2026 की तैयारियों, उर्वरक-बीज की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था एवं विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के किसानों को खाद एवं बीज प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए सभी 130 सहकारी समितियों एवं 255 निजी खाद विक्रेताओं के माध्यम से पीओएस मशीन द्वारा पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाए। कृषकों के रकबे एवं एग्रीस्टेक पंजीयन के आधार पर मांग अनुसार उर्वरकों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिले में लगभग 98,037 ऋणी कृषक पंजीकृत हैं, जिन्हें 10,56,332 बोरी उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक में रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने डीएपी के स्थान पर यूरिया, सिंगल सुपर फास्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश एवं नील हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित करने तथा इसके लिए कृषक संगोष्ठी एवं चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि लागत कम हो और भूमि व जल प्रदूषण में कमी आए।

कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा एवं डॉ. पी. केसरी द्वारा नील हरित काई (बीजीए) उत्पादन एवं जैव उर्वरकों के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम 1000 किसानों के खेतों में नील हरित काई उत्पादन शुरू कराने के निर्देश दिए। वर्तमान में चोरभट्ठी स्थित शासकीय सीसल प्रक्षेत्र में इसका उत्पादन किया जा रहा है।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए पात्र किसानों, विशेषकर बैगा, बिरहोर एवं अन्य जनजातीय कृषकों को त्वरित लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही फौती नामांतरण एवं संयुक्त खाताधारकों के मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने कहा। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत चयनित समितियों में दलहन एवं तिलहन की खरीदी शीघ्र प्रारंभ करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जिला विपणन अधिकारी को दिए गए। खरीफ सीजन के लिए गुणवत्तायुक्त बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु बीज भंडारण, नमूना जांच एवं वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। इस वर्ष बीज वितरण ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से किया जाएगा तथा वितरण के बाद कृषि मैपर में प्रविष्टि अनिवार्य होगी। बैठक में अधिकारियों द्वारा गेहूं, मूंग एवं तिवड़ा जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के प्रयासों की कलेक्टर ने सराहना की।

बैठक में उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभात मिश्रा, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जायसवाल, नोडल अधिकारी आशीष दुबे, वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा, डॉ. संजय वर्मा, डॉ. पी. केसरी, जिला विपणन अधिकारी, शशांक शिंदे, अनिल शुक्ला, दिव्या गौतम सहित कृषि विभाग एवं सहकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं प्रस्तुतीकरण खेमराज शर्मा, उमेश कश्यप एवं भूपेन्द्र देवांगन द्वारा किया गया।

 

 

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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