कवर्धा, 16 फरवरी 2026 । जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निःशुल्क सोनोग्राफी जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान जिले में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 889 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जांच की जा चुकी है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की नियमित निगरानी संभव हो रही है। यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनकर सामने आई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप गर्भवती महिलाओं को घर के पास ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिविरों का आयोजन प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स. लोहरा में सबसे अधिक 203 महिलाओं की जांच हुई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में दो चरणों में शिविर आयोजित कर 238 महिलाओं को लाभ दिया गया। दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरेगांव जंगल में 146 महिलाओं की सोनोग्राफी जांच की गई। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया में 144, बोडला में 92 तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिल्फी में 66 गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हुईं।

ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में अक्सर जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण गर्भवती महिलाएं समय पर सोनोग्राफी जांच नहीं करा पाती थीं। इन शिविरों से अब गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास की सही जानकारी समय पर मिल रही है। किसी भी प्रकार की परेशानी या खतरे की पहचान पहले ही हो जाने से इलाज भी समय रहते संभव हो पा रहा है। सोनोग्राफी जांच शिविरों ने वनांचल क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। स्थानीय स्तर पर आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने से माताओं का भरोसा बढ़ा है और सुरक्षित प्रसव की दिशा में मजबूत आधार बना है।

 

 

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By Shailendra Gupta

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