बोड़ला – राज्य सरकार ने कार्यदिवस में सभी शासकीय कार्यालयों को बंद करने का समय सायं 05:30 बजेे निर्धारित किया है | परंतु ऐसा लगता है कि राज्य सरकार के इस निर्णय से इस कार्यालय को कोई सरोकार नही है तभी तो यहाँ 04:00 बजे ताला लगा हुआ देखा गया |जी हाँ हम बात कर रहे हैं नगर बोड़ला स्थित नगर पंचायत कार्यालय के बारे में | इससे पहले हम आपको नगर बोड़ला के बारे में बता दे कि यह जिला कबीरधाम का एक जनपद पंचायत है | राज्य की राजधानी रायपुर से मध्यप्रदेश के बड़े शहर जबलपुर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय मार्ग बोड़ला से गुजरती है | इस तरह यह एक राष्ट्रीय मार्ग के किनारे स्थित है | जिला मुख्यालय कबीरधाम से इस नगर की दूरी लगभग 21 किलोमीटर है | इसी राष्ट्रीय मार्ग के किनारे एक से अधिक शासकीय कार्यालयों के भवन स्थित हैं जिनमें से एक यह नगर पंचायत कार्यालय भी है |दिनांक 03 अक्टुबर को सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम ने नगर पंचायत कार्यालय पहुँचकर देखा तो यह पाया कि निर्धारित समय के पूर्व नगर पंचायत कार्यालय बोड़ला के भवन में ताला जड़ दिया गया था और जाहिर सी बात है कि वहाँ कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद नही था |जनपद पंचायत बोड़ला के दो चार कर्मचारी को छोड़कर बाकी नदारत मिलेजनपद पंचायत बोड़ला की अगर हम बात करे तो लगभग वहाँ भी यही स्थिती रही | यहाँ भवन के मुख्य द्वार पर ताला तो नहीं लगा था लेकिन कर्मचारियो के कमरे बंद मिले और एक दो भृत्य जैसे छोटे कर्मचारी आसपास मौजूद दिखे | कार्यालय के मात्र तीन कमरे खुले दिखे लेकिन उनमें भी ना कोई अधिकारी मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था |मनरेगा शाखा की ओर जाकर देखने से यह स्थिती नजर आई कि कार्यक्रम अधिकारी रमेश भास्कर के कक्ष में ताला लगा हुआ था | वजह जानने के लिए हमारे द्वारा जब मोबाइल से संपर्क किया गया तो कार्यक्रम अधिकारी द्वारा मोबाइल रिसीव नही किया गया | कर्मचारियों के बैंठने के हॉल में सिर्फ दो महिला कर्मचारी विभागीय काम करते हुए मिली | ज्यादातर कर्मचारी नदारत मिले | कार्यरत महिला कर्मचारियों से जब इस संबंध में चर्चा किया गया तो उन्हें छुट्टी में होने की बात बताई गई |कार्यालय को सूना छोड़कर सड़क किनारे खड़ा मिला कथित कर्मचारी मुकेश यादव बोड़ला के ही उपपंजीयक् कार्यालय में हमेशा कर्मचारी की तरह मौजूद रहने वाला एवं विभागीय कार्य को करने वाला कथित कर्मचारी मुकेश यादव उपपंजीयक् कार्यालय ( जहाँ जमीन की खरीदी बिक्री का पंजीयन होता है ) को भगवान् भरोसे छोड़कर राष्ट्रीय मार्ग के किनारे खड़ा मिला | वह जैसे ही सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम को देखा तो वह कैमरे से अपनी नजरे चुराता हुआ कार्यालय की ओर भागा | अधिकारी एवं कर्मचारियों का ऐसा दुराचरण यह साबित कर रहा है कि इन्हें अपने उच्चाधिकारी एस डी एम एवं कलेक्टर का कोई भय नही है | विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जिला कबीरधाम से ही हैं जिनसे भी इन अधिकारी एवं कर्मचारियों को कोई भय नहीं लगता तभी तो ये स्वच्छन्द् आचरण अपनाते हैं और अपनी मर्जी के मालिक हैं |Post navigationउपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक पीएम सूर्यघर योजना: सोलर रूफटॉप लगवाने केन्द्र और राज्य सरकार दे रही अनुदान