बेमेतरा, 29 दिसम्बर 2025 । जिले में खरीफ विपणन वर्ष के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। अब तक प्राप्त आकड़ों के अनुसार जिले में कुल 3,74,074 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें विभिन्न किस्मों का धान शामिल है, जिनका विवरण इस प्रकार है मोटा धान: 65,909 मीट्रिक टन, पतला धान: 15,576 मीट्रिक टन, सरना धान: 2,92,595 मीट्रिक टन | धान खरीदी के साथ-साथ उठाव (लिफ्टिंग) की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। जानकारी के अनुसार दो प्रकार के धान का पूर्ण रूप से इश्यू हो चुका है, जबकि अन्य दो किस्मों का लगभग 60 प्रतिशत उठाव सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे खरीदी केंद्रों में धान के सुरक्षित भंडारण एवं निर्बाध खरीदी को गति मिली है।किसानों की भागीदारी से मिली सफलताधान खरीदी को लेकर किसानों में संतोष और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। किसानों ने कहा कि इस वर्ष खरीदी व्यवस्था पारदर्शी, समयबद्ध और किसान हितैषी रही। भुगतान की प्रक्रिया सरल होने, केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहने तथा प्रशासनिक समन्वय के कारण उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। किसानों ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधन से उन्हें अपनी उपज उचित मूल्य पर बेचने का अवसर मिला, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। कई किसानों ने यह भी कहा कि धान खरीदी केंद्रों पर कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगात्मक रहा, जिससे पूरी प्रक्रिया सहज बनी।प्रशासन के प्रति आभारधान खरीदी की इस उपलब्धि पर किसानों ने जिला प्रशासन, सहकारी समितियों, खरीदी केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों तथा संबंधित विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार आने वाले समय में भी व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखी जाएं, तो कृषि क्षेत्र में और अधिक प्रगति संभव है। जिला प्रशासन ने भी किसानों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि शेष धान के उठाव और भुगतान की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी किसान को असुविधा न हो और खरीदी अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। Post navigationनवनियुक्त कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने साप्ताहिक जनचौपाल में सुनी आमजन की समस्याएं जनदर्शन में सुनी गई आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश