
बोड़ला – वृद्ध व्यक्ती दो साल से भटक रहा है | इंसानियात् को शर्मसार करने के साथ ही न्याय व्यवस्था का पोल खोल रहा है उक्त वृद्ध व्यक्ति का मामला |
जी हाँ हम बात कर रहे हैं एक ऐसे मामले के बारे में जिसे जान कर आप भी हैरान हो जायेंगे और न्याय व्यवस्था के बारे में सोचने के लिए मजबूर हो जायेंगे | यह मामला तहसील कार्यालय बोड़ला से जुड़ा हुआ है |
सबसे पहले हम आपको यह बता दे कि पीड़ित व्यक्ति ग्राम सारंगपुर कला का निवासी है और यह ग्राम जिला कबीरधाम के जनपद पंचायत बोड़ला के अंतर्गत आता है साथ ही तहसील कार्यालय बोड़ला के न्यायीक क्षेत्र के अंतर्गत है | यह ग्राम जिला मुख्यालय कवर्धा से लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |
मामले का विस्तार कुछ इस तरह से है | पीड़ित व्यक्ति दुर्जन साहू ने सुपर समर्थन की चिट्ठी से चर्चा करते हुए बताया कि लगभग 81 डिसमिल कृषि भूमि जिसका वास्तविक मालिक वह स्वयं है राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते आज ऑनलाइन उस कृषि भूमि का स्वामी अन्य व्यक्ति को दिखा रहा है | इस विषय में जब उसने संबंधित पटवारी से चर्चा किया तो उक्त पटवारी ने उसे सलाह दिया कि एक दो पेशी में उपस्थित होने के बाद त्रुटि सुधार हो जायेगा | पटवारी की सलाह में विश्वास करके वह लगातार दो वर्षों तक कई पेशी में उपस्थित होते रहा और अंत में उसके साथ सही न्याय नही हुआ और उसका प्रकरण निरस्त कर दिया गया |
जब हमारे द्वारा प्रकरण निरस्ती का कारण पूछा गया तो उसने वजह बताने में असमर्थता जाहिर किया | ऐसी परिस्थितियों के चलते आज दुर्जन उक्त कृषि भूमि के फसल को किसी अन्य को कम कीमत में बेचने को मजबूर है | फसल का उचित मूल्य नही मिलने से उसे हानि हो रही है |




