बेमेतरा, 17 अप्रैल 2026 । प्रमुख सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं जिले की प्रभारी सचिव शहला निगार ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कृषि समूह के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई, जिला पंचायत सीईओ सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन, प्रगति की समीक्षा एवं आगामी कार्ययोजनाओं को गति देना रहा। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय-सीमा में पहुंचाना सुनिश्चित करें।

कृषि एवं संबद्ध विभागों की विस्तृत समीक्षा, वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश

बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मछली पालन विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने, दलहन एवं तिलहन के रकबे में वृद्धि करने तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बीज एवं उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की। रबी सीजन में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने हेतु नवाचारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उद्यानिकी विभाग को फल, सब्जी एवं मसाला उत्पादन में वृद्धि हेतु आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा ड्रिप एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। वहीं पशुपालन एवं मछली पालन को ग्रामीण आय का मजबूत साधन बताते हुए टीकाकरण, पशु चिकित्सा सेवाओं एवं मत्स्य पालकों के लिए क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता की समीक्षा की गई।

राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला-बाल विकास विभागों को दिए स्पष्ट निर्देश

प्रमुख सचिव ने राजस्व विभाग को नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन जैसे लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। डिजिटल रिकॉर्ड के अद्यतन एवं आम नागरिकों को होने वाली असुविधाओं को दूर करने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु पूर्व तैयारियों की समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूलों की आधारभूत सुविधाएं (पेयजल, शौचालय) एवं आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों पर चर्चा की गई | महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण आहार की गुणवत्ता, कुपोषण मुक्ति अभियान तथा महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत या असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए अधिकारी निरंतर मॉनिटरिंग करें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

उर्वरक की कालाबाजारी पर सख्ती, निगरानी बढ़ाने के निर्देश

आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सचिव ने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में कहीं भी उर्वरक की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस हेतु जिला प्रशासन को निगरानी समिति गठित कर उर्वरक विक्रेताओं पर पैनी नजर रखने तथा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति और जवाबदेही पर जोर

प्रमुख सचिव शहला निगार ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने अधिकारियों को हितग्राहियों से सीधा संवाद स्थापित कर जमीनी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही वास्तविक विकास का आधार है, इसलिए सभी अधिकारी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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