जांजगीर-चांपा 04 नवम्बर 2026 । आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ 15 नवंबर 2026 से होना है। शासन द्वारा किसानों के हित में एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल या रकबे में संशोधन की कार्यवाही 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 15 नवंबर 2026 तक कर दी गई है, ताकि एक भी किसान भाई अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहे। उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया की शासन की योजना अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल पर इस वर्ष धान के बदले अन्य कोई भी फसल का पंजीयन कराने पर किसानों को 15000 रूपये प्रति एकड़ एवं सामान्य फसल जैसे – दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल का पंजीयन कराने पर उन्हें 10000 रूपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि शासन द्वारा प्रदाय की जाएगी। किसानों से अपील किया गया है कि अपने नजदीकी संबंधित सेवा सहकारी समिति में दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों का भी समय-सीमा में पंजीयन कराना सुनिश्चित करें।एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन की अंतिम तिथि अब 15 नवंबर तकजांजगीर-चांपा 04 नवम्बर 2026। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ 15 नवंबर 2026 से होना है। शासन द्वारा किसानों के हित में एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल या रकबे में संशोधन की कार्यवाही 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 15 नवंबर 2026 तक कर दी गई है, ताकि एक भी किसान भाई अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहे। उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया की शासन की योजना अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल पर इस वर्ष धान के बदले अन्य कोई भी फसल का पंजीयन कराने पर किसानों को 15000 रूपये प्रति एकड़ एवं सामान्य फसल जैसे – दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास फसल का पंजीयन कराने पर उन्हें 10000 रूपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि शासन द्वारा प्रदाय की जाएगी। किसानों से अपील किया गया है कि अपने नजदीकी संबंधित सेवा सहकारी समिति में दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों का भी समय-सीमा में पंजीयन कराना सुनिश्चित करें।Post navigationव्हाइट कोट समारोह में चिकित्सा सेवा, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पण का संदेश मुख्यालय में नहीं रहते वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक झारिया | विगत चौदह – पंद्रह महीने से लगातार मुख्यालय में नहीं रहने की बात आई सामने | मनमानी कर रहे है अशोक झरिया | अपने उच्चाधिकारी का नहीं है कोई डर |