पंडरिया – निरंकुशता का जीता जागता कोई उदाहरण देखना है तो हमें एक बार नगर पंडरिया स्थित वन परिक्षेत्र अधिकारी ( पूर्व ) एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी ( पश्चिम ) जरूर जाना चाहिए |सबसे पहले हम अपने पाठकों को यह बता दे कि नगर पंडरिया पूर्व में एक नगर पंचायत हुआ करता था | वर्तमान सरकार ने इसे नगर पालिका परिषद का दर्जा दिया है | जिला कबीरधाम का यह एक महत्वपूर्ण नगर है | जिला मुख्यालय कवर्धा से लगभग यह 35 किलोमीटर की दूरी पर कवर्धा – बिलासपुर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है |कार्यालय – वन परिक्षेत्र अधिकारी ( पूर्व ) का शासकीय भवन पंडरिया – मुंगेली मुख्य मार्ग के किनारे पंडरिया में स्थित है और कार्यालय – वन परिक्षेत्र अधिकारी ( पश्चिम ) का शासकीय भवन पंडरिया – कुई कुकदुर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है | वर्तमान में वन परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया ( पूर्व ) के पद पर पल्लवी गंगबेर नामक महिला अधिकारी पदस्थ है और वन परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया ( पश्चिम ) के पद पर महेंद्र जोशी पदस्थ है |सुपर समर्थन की चिठ्ठी की टीम को जब अपने विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि वन परिक्षेत्र अधिकारी महेंद्र जोशी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी पल्लवी गंगबेर कार्यालय के बंद करने के निर्धारित समय से बहुत पहले ही अपना कार्यालय छोड़ कर जा चुके हैं तो सच्चाई जानने जब टीम पहुँची तो देखा कि टीम को मिली जानकारी शत – प्रतिशत सही है |वन परिक्षेत्र अधिकारी महेंद्र जोशी लगभग 03 – 04 बजे से अपना कार्यालय छोड़कर अन्यत्र कही जा चुके हैं जब उनसे मोबाइल में इस संबंध में चर्चा की गई तो वो यह नहीं बता सके कि वो उस समय वो कहाँ थे सिर्फ पंडरिया नगर में मौजूद होने की बात कही गई |वन परिक्षेत्र अधिकारी पल्लवी गंगबेर भी कार्यालय बंद करने के निर्धारित समय के बहुत पहले ही अपना कार्यालय छोड़कर सरकारी आवास में देखी गई | जब उससे मोबाइल से संपर्क किया गया तो उसने कहाँ कि वह पूजा में बैठी है | एकबारगी अगर उसकी बातों पर विश्वास कर भी लिया जाए तो यहाँ पर अहम सवाल यह है कि जब यह कहा जाता है कि कर्म ही पूजा है तो ऐसे में अपने विभाग के मूल दायित्वों से भागकर कार्यालायीन समय में पूजा करना कहाँ तक उचित है ? फिर हमारी टीम ने यह देखा कि पल्लवी गंगबेर तो उस समय आवास में पहुँचे सुवा नृत्य का लुफ्त ले रही थी |साथ ही चौकानें वाली ये बातें सामने आई कि ये दोनों वन परिक्षेत्र अधिकारी अपने – अपने सरकारी आवास में नहीं रहते है | महिला वन परिक्षेत्र अधिकारी पल्लवी गंगबेर जो वर्तमान में पूर्व में पदस्थ होने के कारण उस शासकीय आवास में निवास करना चाहिए जिसमें वन परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया ( पश्चिम ) में वर्तमान में पदस्थ महेंद्र जोशी निवास कर रहे है |शासन ने आम जनता एवं अधिकारियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए इन अधिकारियों के लिए कार्यालय भवन के बहुत करीब ही शासकीय आवास बनाकर उन्हें रहने की सुविधा दी है परंतु शासन के इस अच्छी एवं पवित्र भावना के विपरीत इनका आचरण है |ऐसे निरंकुश आचरण करने वालों के लिए यह परिस्थिति और अनुकूल हो जाती है जब इनके उच्चाधिकारी वन मंडल अधिकारी का कार्यालय बहुत दूर हो | साथ ही यह सवाल भी अहम है कि एक वन परिक्षेत्र अधिकारी का एक उच्च अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी ( वन ) ( इस पद का दूसरा नाम सहायक वन संरक्षक भी है ) होता है तो क्या इनके इस अधिकारी को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है ? या जानकारी है तो किन कारणों के चलते देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं ? यह जाँच का विषय है |Post navigationनई डिजिटल व्यवस्था से खाद की उपलब्धता और बिक्री पर रहेगी निगरानी नगर पंडरिया के आसपास आंतक है साँपों का | महामंडल प्रजाति का बहुत लंबा सांप देखा गया | रेस्क्यू का जानकार व्यक्ति ने सुरक्षित तरीके से उसे छोड़ा दूर लेजाकर | समाचार संकलन में नगर पंडरिया निवासी दो संभ्रांत नवयुवक सम्राट कुर्रे एवं गौरव देवांगन ने हमे की मदद |