दुर्ग .. जहाँ छत्तीसगढ़ में चुनावी त्यौहार के बाद अब छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार अकती की तैयारी में बच्चो में बड़ी उत्साह देखा गया है बतादें इस त्यौहार का बहुत ही मान्यता बताते है भूमि दिवयांशी श्रीजल शुभम इन बच्चों ने सुबह से इसकी तयारी कर शाम को मंडप को सजाकर बड़ी धूमधाम से विधि विधान से शादी का रिवाज को कर पुरानी परंपराओं को आज भी याद रखा हुआ है शादी के रिवाज में पूरा परिवार सम्मिलित होते हैं बतादें इस त्यौहार का बहुत ही मान्यता बताते है इस दिन मिट्टी से बनी घड़ा से पानी पीने की शुरुआत होती है वही बच्चों के द्वारा मिट्टी से बनी गुड्डा गुड़िया का अपने अपने घर आंगन में हरा मंडप लगाकर विवाह कराया जाता है और माना जाता है आज ही के दिवस किसान अपने किसानी कार्य की ओपचारिक शुरुआत व कुछ वर्गों के लोग अपने दिवंगत परिजनों के आत्मा की शांति के लिए अकती पानी देते है ओर आज के दिन ही को सर्व शुभ मुहर्त मानकर कोई भी शुभकार्य किया जाता है

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By Shailendra Gupta

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