कवर्धा, 08 अप्रैल 2025। कबीरधाम जिले में आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के लिए सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण प्रारंभ हो गया है। इसके अंतर्गत लोग अपनी समस्या, शिकायत और मांगों को लेकर सुबह 10 बजे से नगरीय एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में पहुंचकर शाम 05 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। आवेदन लेने की प्रक्रिया शुक्रवार 11 अप्रैल 2025 तक चलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप सुशासन तिहार 2025 मनाया जा रहा है। पहले चरण में 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में पंचायतों के अलावा कलेक्ट्रेट, जनपद और तहसील कार्यालयों में भी समाधान पेटी लगाए गए हैं। जहां नागरिक आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। सुशासन तिहार के प्रति जिलेवासियों एवं आवेदकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सुशासन तिहार के पहले दिन आज जिले के सभी नगरीय निकायों के साथ-साथ ग्राम पंचायतों के आवेदन प्राप्त करने हेतु निर्धारित किए गए स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है। कलेक्टर वर्मा ने नगरीय एवं पंचायत स्तर पर सुशासन तिहार 2025 के क्रियान्वयन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों का दायित्व सौंपा है।कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम सुशासन और पारदर्शिता के सिद्धांतों के तहत लागू किया जाएगा। नागरिकों को त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार 2025 कार्यक्रमों से नागरिकों के साथ सरकार का संवाद बढ़ेगा और प्रशासन में पारदर्शिता आएगी। सुशासन तिहार 2025 का यह प्रथम चरण कबीरधाम जिले में एक नए प्रशासनिक दृष्टिकोण की शुरुआत है, जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने का काम करेगा।ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय में प्राप्त कर रहे है आवेदनआम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में 11 अप्रैल 2025 तक ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगरीय निकाय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन प्राप्त किया जा रहा है। इन स्थलों पर समाधान पेटी रखी गई है, ताकि लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें निःसंकोच लिखकर उसमें डाल सकें। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर भी की गई है। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की भी पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ेनेेंंदजपींतण्बहण्दपबण्पदध् में व्यवस्था की गई है। प्रत्येक आवेदन को एक कोड देने की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। निर्धारित प्रारूप में खाली आवेदन पत्र (ग्रामवार/नगरीय निकायवार कोड सहित) प्रिन्ट कराकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक आवेदन को पोर्टल में पंजीकृत कर ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है साथ ही, आवेदनकर्ता को पावती दी जा रही है।एक माह में आवेदनों का करेंगे निराकरणदूसरे चरण में सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जा रहा है और संबंधित जिला, जनपद, नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जा रहा है। संबंधित विभाग, अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा।समाधान शिविर का आयोजनतृतीय चरण के अंतर्गत 05 मई से 31 मई 2025 के दौरान प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार समाधान शिविर आयोजित होंगे। शिविरों के आयोजन की तिथि की जानकारी आवेदकों को एस.एम.एस. के माध्यम से तथा आवेदन की पावती के माध्यम से दी जाएगी साथ ही इन तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों की प्रविष्टि भी पोर्टल में की जाएगी तथा जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में सम्भव हो, शिविर में किया जाएगा। शेष आवेदनों का समाधान एक माह में कर आवेदकों को सूचित किया जाएगा। शिविरों में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र, प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक शिविर के लिए एक खंडस्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा, जो शिविर के समुचित संचालन को सुनिश्चित करेंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी की जाए। Post navigationराजस्व पखवाड़ा शिविर में हितग्राहियों के समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें-कलेक्टर गोपाल वर्मा रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों ने जाना अपने अधिकार