मुंगेली, 06 जून 2025 । शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और संसाधनों के समुचित उपयोग के उद्देश्य से जिले में शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई है। इस संबंध में आज जिला कलेक्टोरेट के मनियारी सभाकक्ष में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रकुमार घृतलहरे तथा विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।पारदर्शी प्रक्रिया से सुचारू रूप से हुआ युक्तियुक्तकरण – एसपीपुलिस अधीक्षक ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं निर्विवाद रूप से संपन्न करने के लिए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की दृष्टि से विशेष रणनीति तैयार की थी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और स्थायित्व आएगा, ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और एक ही परिसर में शालाओं के संचालन से संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो सकेगा।अब हर विद्यालय में उपलब्ध होंगे शिक्षक – जिला पंचायत सीईओजिला पंचायत सीईओ ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य शासन द्वारा शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन 08 विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार 22 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इसी प्रकार 95 एकल शिक्षकीय शालाओं में 129 अतिरिक्त शिक्षकों को पदस्थ किया गया है। वनांचल क्षेत्रों को भी लाभ हुआ है। विशेष रूप से अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 31 विद्यालयों में 46 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, जिससे अब उन क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।जिले में 278 अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरणजिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 278 अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिसमें मुंगेली विकासखंड में 77 शिक्षक, लोरमी विकासखंड में 130 शिक्षक और पथरिया विकासखंड में 71 शिक्षक शामिल है। उन्होंने बताया कि अब जिले में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर कोई भी शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में नहीं है। युक्तियुक्तकरण के पश्चात बेहतर भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा का लाभ मिलेगा। Post navigationविश्व पर्यावरण दिवस पर खण्डसरा एवं कामाडबरी पहुँचा कृषि रथ जिले में किसानों को समय पर उपलब्ध कराया जा रहा खाद-बीज