कवर्धा, 26 जून 2025। दिव्यांगजनों के प्रति सम्मानजनक और संवेदनशील भाषा का प्रयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर गोपाल वर्मा ने समाज कल्याण विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर द्वारा जारी निर्देशों के क्रियान्वयन के संबंध में जिले के समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं।

कलेक्टर द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नई दिल्ली के परिपत्र के तहत अब किसी भी शासकीय दस्तावेज, पत्राचार, प्रचार-प्रसार सामग्री अथवा संवाद में “विकलांग“, “दिव्यांगता“, “गूंगे-बहरे“ जैसे असंवेदनशील और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इनके स्थान पर केवल “दिव्यांगजन“ शब्द का ही प्रयोग किया जाना अनिवार्य किया गया है।

यह निर्देश शासकीय सम्मान, गरिमा एवं समानता के भाव को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है, ताकि दिव्यांगजनों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो और उनकी आत्मसम्मान की भावना को ठेस न पहुंचे।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा है कि यह आवश्यक है कि सभी विभाग, कार्यालय, संस्था एवं अधीनस्थ अधिकारी प्रचार-प्रसार, योजनाओं की जानकारी, मंचीय उद्बोधन, विज्ञापन, शैक्षणिक दस्तावेजों और सभी प्रकार के सरकारी संवाद में केवल “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग करें। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पहले से उपयोग में लाए गए दस्तावेजों या सामग्री में असंवेदनशील शब्द प्रयुक्त हैं, तो उन्हें यथाशीघ्र अद्यतन कर सुधारा जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश का कड़ाई से पालन करने कहा है, ताकि शासन की समावेशी सोच और संवेदनशीलता की भावना ज़मीनी स्तर तक प्रभावी रूप से परिलक्षित हो सके।

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By Shailendra Gupta

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