कवर्धा। पी.जी. कॉलेज में जनभागीदारी शुल्क में की गई अनियमित वृद्धि तथा पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कवर्धा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी कर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।जिला संयोजक गजाधर वर्मा ने बताया कि विगत वर्ष कॉलेज में जनभागीदारी मद एवं शासन से प्राप्त अन्य फंड का दुरुपयोग करते हुए पूर्व प्राचार्य, बाबू और जनभागीदारी समिति अध्यक्ष द्वारा भारी गबन किया गया था। विद्यार्थी परिषद ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था, लेकिन प्रशासन द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को शांत कर दिया गया। गबन की गई राशि की अब तक कोई रिकवरी नहीं की गई, जिससे कॉलेज की जनभागीदारी गतिविधियां ठप पड़ी रहीं और वार्षिकोत्सव जैसे कार्यक्रम भी नहीं हो सके।गजाधर वर्मा ने आगे बताया कि अब वर्तमान प्राचार्य द्वारा गबन की भरपाई के लिए विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ डालते हुए जनभागीदारी शुल्क में वृद्धि की जा रही है, जो पूर्णतः अनुचित है।एबीवीपी की मांग है कि—कॉलेज में जनभागीदारी शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाए।गबन के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की पूर्णतः वसूली की जाए।विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर अमल नहीं किया गया तो आने वाले समय में उच्च शिक्षा विभाग का घेराव किया जाएगा और जोरदार आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।Post navigationउपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले की दो ऐतिहासिक उपलब्धियों पर दी बधाई, कहा – जनसहभागिता से असंभव भी संभव ‘‘मोर गांव मोर पानी अभियान’’: 203 बोरवेल होंगे रिचार्ज, जलसंकट से मिलेगी राहत