मुंगेली, 29 जून 2025 । छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव लाते हुए मुंगेली जिला ई-गवर्नेंस की दिशा में एक प्रेरणास्पद मिसाल बनकर उभरा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के नेतृत्व में मुंगेली राज्य का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां शासकीय कार्यालयों में पूर्ण रूप से “ई-ऑफिस” प्रणाली को प्रभावशाली रूप से लागू कर दिया गया है। इस डिजिटल परिवर्तन की शुरुआत एनआईसी कक्ष से हुई, जहां कलेक्टर कुन्दन कुमार ने स्वयं ई-ऑफिस के माध्यम से पहली फाइल अग्रेषित कर इस नई युग की नींव रखी। यह कदम न केवल तकनीकी उन्नयन का प्रतीक है, बल्कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता, नवाचार और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।क्या है ई-ऑफिस प्रणाली?ई-ऑफिस एक केंद्रीकृत, पेपरलेस और डिजिटल फाइल संचालन प्रणाली है, जिसके माध्यम से फाइलों का निर्माण, अग्रेषण, समीक्षा और निपटान पूरी तरह ऑनलाइन होता है। यह प्रणाली कार्यक्षमता में तीव्रता, दस्तावेजों की सुरक्षा और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।शासन से निर्देश प्राप्त होते ही सभी अधिकारी कर्मचारी को ई ऑफिस सुगम और बेहतर संचालन के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके पश्चात मुंगेली जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में ई-ऑफिस का संचालन प्रारंभ कर दिया गया। इस अनुकरणीय कार्यशैली के पीछे कलेक्टर कुन्दन कुमार का स्पष्ट विजन और प्रशासनिक तत्परता प्रमुख कारण रहे हैं।पारदर्शिता और जवाबदेही में होगी वृद्धि – कलेक्टरकलेक्टर ने कहा कि “ई-ऑफिस प्रणाली शासकीय कार्यों को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और प्रभावशील बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इससे कार्यों में अनावश्यक विलंब रुकेगा और आम नागरिकों को सेवाएं समयबद्ध रूप से मिलेंगी।“ अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पांडेय तिवारी ने बताया कि “ई-ऑफिस के माध्यम से किसी भी फाइल की वर्तमान स्थिति जानना आसान हो गया है। इससे कार्यों में देरी की निगरानी हो रही है और जवाबदेही भी तय हो रही है।”विभागों में उत्साह: डिजिटल प्रणाली को मिली सराहनाजिला खाद्य अधिकारी हुलेश डनसेना ने कहा कि “ई-ऑफिस से फाइलों का निपटान आसान और तेज़ हो गया है। यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करती है, बल्कि पेपरलेस ऑफिस को भी बढ़ावा देती है।” पीएमजेएसवाई के ईई परीक्षित सूर्यवंशी ने बताया कि “डिजिटल फाइलों को खोजना, सहेजना और उनका ट्रैक रखना आसान हो गया है। इससे दस्तावेज़ों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।” बता दे कि अब जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में फाइलों के आवागमन से लेकर अनुमोदन और समीक्षा तक हर प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है। इससे जहां कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है, वहीं आम जनता को भी विभिन्न सेवाएं समय पर और पारदर्शी रूप से मिल रही हैं। Post navigationराजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे और शैक्षिक प्रगति में मुंगेली जिला अग्रणी जिले में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक संपन्न