
मुंगेली, 11 नवंबर 2025 । शासन द्वारा निराश्रित, घुमंतु और कृषिक पशुओं के संरक्षण और संवर्धन करने के उद्देश्य से गौधाम योजना का संचालन किया जा रहा है। इन गौधामों में पशुओं के लिए सुरक्षित बाड़ा, शेड, पानी, बिजली और चारागाह की सुविधा प्रदान की जाएगी। उक्त बैठक जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष धनेश साहू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें गौधाम योजना के सुचारू क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला कलेक्टोरेट स्थित स्वान कक्ष में समिति सदस्यों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने गौधाम के संचालन हेतु पंजीकृत, स्वयं सेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट तथा एफपीओ व सहकारी समिति से आवेदन आमंत्रित करने निर्देशित किया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी सहित जिला स्तरीय समिति के अशासकीय सदस्य मौजूद रहे। जिला पंचायत सीईओ के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 130 के ग्राम सल्फा, मोहभट्ठा, किरना एवं चन्द्रखुरी के ग्राम पंचायत से गौधाम हेतु आवेदन प्राप्त कर तत्काल जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन कराकर राज्य क्रियान्वयन समिति से अनुमोदन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग रायपुर को भेजने हेतु पशु चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाए डॉ. आर.एम. त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम चरण में गौधाम हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग में सर्वसुविधायुक्त 13 गौठानों का गौधामों के रूप में चयन किया गया है। प्रत्येक गौधाम में 200 घुमंतू पशु रखने का प्रावधान है। जिले में गौधाम संचालन के लिए कुल 54 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से विकासखण्ड मुंगेली से 08, लोरमी से 03 और पथरिया विकासखण्ड से 02 प्रस्ताव सहित कुल 13 गौधाम की अनुशंसा की गई है। उन्होंने सदस्यों को गौधाम संचालन हेतु शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।




