
बेमेतरा, 29 सितम्बर 2025 । आज कलेक्टोरेट के दिशा सभाकक्ष में कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, बैंकों के कार्यकलापों तथा हितग्राही उन्मुख कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब उनका प्रभावी क्रियान्वयन धरातल तक पहुंचे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं बैंकों से अपेक्षा जताई कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी पात्र हितग्राही को वंचित न रखा जाए।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष फोकस
उन्होंने विशेष रूप से कृषि प्रधान बेमेतरा जिले की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देना अति आवश्यक है। कलेक्टर ने बैंकों को निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता क्षेत्र ऋण वितरण में सक्रिय सहयोग दें तथा जरूरतमंद किसानों और ग्रामीणों को ऋण एवं अनुदान का लाभ सरलता से उपलब्ध कराएं।
स्वरोजगार योजनाओं पर जोर
बैठक में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर भी गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, खादी ग्रामोद्योग योजनाएं, मुद्रा योजना और अन्य स्वावलंबी कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन कर अधिक से अधिक युवाओं और बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
बैंकिंग सेवाओं की समीक्षा
बैठक में विभिन्न बैंकों के ऋण अनुपात, खाता संचालन, आधार सीडिंग एवं वित्तीय समावेशन की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना (विशेषकर पशुपालन एवं मत्स्यपालन के लिए साख उपलब्धता), तथा महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आधार लिंकिंग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर बल
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले की बड़ी आबादी खेती-किसानी और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है, इसलिए शासन की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक के अंत में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि सभी विभाग और बैंक आपसी समन्वय स्थापित कर जिले के विकास एवं हितग्राहियों की समृद्धि में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन योजनाओं की निगरानी एवं मॉनिटरिंग लगातार करता रहेगा, ताकि योजनाओं का अधिकतम लाभ अंतिम पंक्ति तक बैठे पात्र हितग्राहियों को मिल सके।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रेमलता पदमाकर, एडीएम डॉ.अनिल बाजपयी, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्यपालन विभाग, पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





