कोरबा, 17 दिसंबर 2025 । सरकार द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसानों के हित में की गई व्यवस्थाओं से किसानों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। उपार्जन केंद्रों में आने वाले किसानों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है, वहीं पीने के पानी और शेड की भी समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।

धान विक्रय को सरल और सुगम बनाने के लिए सरकार ने टोकन व्यवस्था लागू की है। किसान ऑनलाइन एप के माध्यम से कभी भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं और निर्धारित समय पर आसानी से उपार्जन केंद्र पहुंचकर अपना धान बेच सकते हैं। इस व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार से राहत मिली है।

ऐसे ही किसान पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम अमलीकुंडा निवासी सोन साय हैं, जिन्होंने चार एकड़ में धान की फसल ली है। किसान सोन साय ने बताया कि वे अपना धान उपार्जन केंद्र जटगा में बेचते हैं। वर्तमान में धान की मिंजाई का कार्य चल रहा है और आने वाले कुछ दिनों में वे शेष धान मंडी में विक्रय करेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक वे 10 क्विंटल धान बेच चुके हैं।

किसान सोन साय का कहना है कि धान बेचने के साथ ही भुगतान की राशि सीधे उनके खाते में जमा हो जाती है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती। सरकार की इस सुव्यवस्थित और किसान हितैषी व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है।

 

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By Shailendra Gupta

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