कवर्धा : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में संवाद से समाधान और सुशासन को अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से ‘सुशासन तिहार 2025’’ का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार आम जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्या के निदान करने की दिशा में कार्य करने की महत्वपूर्ण पहल की है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम जिले में सुशासन तिहार के पहले चरण का आयोजन 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक किया गया, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं समाधान पेटी के माध्यम से प्रस्तुत की। इस दौरान जिले भर से कुल 88,324 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 82,926 आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों से और 5,398 आवेदन नगरीय निकायों से प्राप्त हुए हैं।कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि पहले चरण में प्राप्त सभी आवेदनों का एक माह की अवधि में त्वरित निराकरण किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर, शीघ्रता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जिले में कुल 88,324 आवेदन प्राप्त हुए है। ग्रामीण क्षेत्रों से 82 हजार 926 आवेदन प्राप्त हुए है। इसमें बोड़ला विकासखंड से 23 हजार 795, कवर्धा विकासखंड से 21 हजार 503, पंडरिया विकासखंड से 26 हजार 102 और सहसपुर लोहारा विकासखंड से 11 हजार 526 आवेदन प्राप्त हुए है। इसी प्रकार 7 नगरीय निकाय से 5398 आवेदन प्राप्त हुए है। इसमें कवर्धा से 594, पंडरिया से 2433, पिपरिया से 82, बोड़ला से 787, पांडातराई से 906, सहसपुर लोहारा से 335 और इंदौरी से 261 आवेदन प्राप्त हुए है।कलेक्टर गोपाल वर्मा ने प्रथम चरण के अंतर्गत प्राप्त आवेदन का निराकरण करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दूसरे चरण अंतर्गत एक माह में आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। संबंधित विभाग उन आवेदनों का निराकरण शीघ्रता से करना सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने आवेदनों के मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदनों का गंभीरतापूर्वक जांच करे और उसका निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का आयोजन प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक सशक्त मंच मिले और प्रशासन उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करे। इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों और आवेदन का निराकरण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।दूसरे चरण में होगा आवेदन निराकरणप्रथम चरण में 08 से 11 अप्रैल तक आवेदन लिया गया है। दूसरे चरण में एक माह के भीतर सभी आवेदनों को स्कैन कर संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा और उनका निराकरण किया जाएगा। मांग आधारित आवेदनों पर बजट की उपलब्धता अनुसार कार्रवाई होगी। निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला एवं राज्य स्तर पर किया जाएगा।समाधान शिविरों में मिलेगा सीधा जवाबकलेक्टर वर्मा में बताया कि तीसरे चरण में 05 मई से 31 मई तक 2025 के बीच समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य शिविर लगेंगे, जहां आवेदकों को उनके प्रकरणों की जानकारी दी जाएगी। शिविरों की तिथि की सूचना एसएमएस और पावती के माध्यम से दी जाएगी। जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में संभव होगा, वहीं किया जाएगा। शेष आवेदनों को एक माह में हल कर जानकारी दी जाएगी। शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ हितग्राही मूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक शिविर की निगरानी हेतु खंड स्तरीय अधिकारी को प्रभारी बनाया जाएगा।Post navigationहनुमान जन्मोत्सव पर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम छोटूपारा में आयोजित भव्य जन्मोत्सव एवं मेला-मड़ई कार्यक्रम में हुए शामिल भारत रत्न बाबा साहेब डां भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल को आयोजित होगा सामाजिक समरसता समारोह