कबीरधामकवर्धाछत्तीसगढ़

कबीरधाम जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध, 80 प्रतिशत से अधिक भंडारण और 74 प्रतिशत वितरण पूर्ण

कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की सक्रिय पहल से पर्याप्त खाद उपलब्धता सुनिश्चित

कवर्धा, 01 अगस्त 2025। कबीरधाम जिले के किसानों के लिए खरीफ सीजन 2025 में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में कृषि विभाग, विपणन संघ (मार्कफेड) और सहकारी समितियों के समन्वय से यह कार्य योजनाबद्ध रूप से किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा समय से पहले और व्यवस्थित ढंग से खाद का भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित किया गया है।

खरीफ वर्ष 2025 के लिए सहकारी क्षेत्र के लिए कृषि विभाग द्वारा निर्धारित 55,864 मैट्रिक टन खाद लक्ष्य के विरुद्ध 31 जुलाई 2025 की स्थिति में 44,165 मैट्रिक टन, यानी 80 प्रतिशत खाद का भंडारण जिला स्तर पर कराया जा चुका है। वहीं सेवा सहकारी समितियों को अब तक 41,291 मैट्रिक टन खाद (लगभग 74 प्रतिशत ) उपलब्ध कराया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि पूर्व वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष 3 जुलाई 2025 तक ही सेवा सहकारी समितियों को 90 प्रतिशत खाद उपलब्ध करा दी गई है, जो किसानों की बढ़ती जरूरतों और समयबद्ध वितरण का स्पष्ट संकेत है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा की सतत निगरानी और मॉनिटरिंग पर हो रहे कार्य

कलेक्टर गोपाल वर्मा स्वयं खाद-बीज की आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग और विपणन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी स्थिति में खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े। सभी समितियों में पर्याप्त भंडारण और निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नियमित रूप से डबल लॉक केंद्रों और सेवा सहकारी समितियों की निगरानी करें, और समय पर खाद-बीज किसानों को उपलब्ध कराएं। उनके निर्देशों के अनुरूप सभी समितियों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने हेतु लगातार परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया जारी है।

विदेशी आपूर्ति में संकट के बावजूद पर्याप्त खाद उपलब्धता से किसानों को मिल रही राहत

डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) खाद के विदेशों से आयात पर रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव पड़ा है, जिससे देशभर में इसकी आपूर्ति बाधित हुई है। लेकिन कबीरधाम जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से इस संकट को भी अवसर में बदला गया है। निर्धारित लक्ष्य 3733 मैट्रिक टन के विरुद्ध 6387 मैट्रिक टन डीएपी खाद का भंडारण कर 171 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। डीएपी की संभावित कमी के मद्देनज़र कृषकों को एसएसपी जैसे विकल्पों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है, जिससे उनकी फसल उत्पादकता प्रभावित न हो।

डीएपी का लक्ष्य से अधिक भंडारण, वैकल्पिक खादों की ओर किसानों को किया जा रहा प्रेरित

खरीफ 2025 के लिए निर्धारित खाद लक्ष्य के अनुसार यूरिया का लक्ष्य 21,600 मीट्रिक टन था, जिसके विरुद्ध 17,444 मीट्रिक टन का भंडारण (80.76 प्रतिशत) और 17,070 मीट्रिक टन का वितरण (79.03 प्रतिशत) हो चुका है। सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) का लक्ष्य 15,162 मीट्रिक टन रखा गया था, जिसमें से 11,055 मीट्रिक टन का भंडारण और 9,392 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है। डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) का लक्ष्य 3,733 मीट्रिक टन था, लेकिन अब तक 6,387 मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है, जो लक्ष्य का 171.10 प्रतिशत है, तथा 5,598 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है। एनपीके का 12,869 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 7,725 मीट्रिक टन भंडारण और 7,425 मीट्रिक टन वितरण हुआ है। वहीं पोटाश का लक्ष्य 2,500 मीट्रिक टन रहा, जिसके सापेक्ष 1,854 मीट्रिक टन का भंडारण और 1,806 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है।

जिले में वर्तमान में कुल 3,175 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। कृषि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य की शत प्रतिशत प्राप्ति खरीफ सीजन 2025 की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2025 तक प्राप्त कर लिया जाएगा। डीएपी की उपलब्धता इस बार एक चुनौती रही, जिसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद की कमी और युद्धजनित परिस्थितियां रहीं। बावजूद इसके, जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास कर डीएपी का लक्ष्य से दोगुना अधिक भंडारण सुनिश्चित किया गया है। किसानों को एसएसपी और एनपीके जैसे वैकल्पिक खादों का उपयोग बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। जिले में खाद वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और नियमित रूप से संचालित हो रही है। सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक समय पर खाद पहुंचाई जा रही है, जिससे खरीफ फसल की तैयारी सुचारू रूप से चल रही है।

तीन डबल लॉक केन्द्रों से हो रहा नियंत्रण

जिला विपणन अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत तीन डबल लॉक केन्द्रों के माध्यम से जिले की 90 सेवा सहकारी समितियों को आवश्यकता अनुसार खाद का भंडारण एवं आवंटन किया गया है। यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और चरणबद्ध है, जिससे किसानों को समय पर खाद प्राप्त हो रहा है।

किसानों की संतुष्टि और सरकार की प्रतिबद्धता

कबीरधाम जिले में खाद की यह सुचारू व्यवस्था राज्य सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्वयं निगरानी करते हुए समय-समय पर खाद आपूर्ति की समीक्षा की, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि कोई किसान खाद की कमी से वंचित न हो। इस प्रयास से कबीरधाम जिले के कृषक न केवल संतुष्ट हैं, बल्कि खरीफ सीजन में उनकी तैयारी भी पूरी गति से आगे बढ़ रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Shailendra Gupta

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