कवर्धा, 31 जुलाई 2025। सावन माह के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन आस्था केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर दर्शन के पश्चात् उन्होंने भंडारा स्थल में पहुँचकर श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद भी ग्रहण किया।मंदिर परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिले में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में जिला भविष्य में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच और राज्य शासन के समन्वित प्रयासों से भोरमदेव मंदिर परिसर के विकास के लिए 146 करोड़ रुपए की स्वीकृति स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत मिली है।उन्होंने जानकारी दी कि भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से मंदिर परिसर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा जलाशय तक के ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण, संवर्धन और एकीकृत पर्यटन विकास किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भारत सरकार, छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग और कबीरधाम जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।पर्यटन मंडल अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार एक हजार वर्षों में जल शुद्धिकरण (वाटर ट्रीटमेंट) की ऐतिहासिक पहल की गई है। मंदिर परिसर में छह भव्य प्रवेश द्वार, नागद्वार, आधुनिक संग्रहालय, पार्क, संग्रहालय, तालाब सौंदर्यीकरण, म्यूजिकल फाउंटेन, परिधि दीवार, नई सीढ़ियाँ, पिलर हॉल, चिल्ड्रन पार्क, प्रसाद मंडप, यज्ञ स्थल, श्रद्धालुओं के लिए रैंप-सीढ़ियाँ, जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था, भंडारा भवन, कांवड़ियों के लिए डोम और सार्वजनिक शौचालय जैसी बहुआयामी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना छत्तीसगढ़ को पर्यटन मानचित्र पर नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और कबीरधाम जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगी। Post navigationराजस्व समाधान शिविर और रथ ग्रामीणों को त्वरित और पारदर्शी सेवा देने की दिशा में साबित हो रहा कारगर कदम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आत्मरक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन