कोरबा, 07 जनवरी 2026 । शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर, पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम पंचायत धजाक की प्राथमिक शाला लंबे समय से शिक्षक सुविधा के अभाव से जूझ रही थी। आसपास और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को नियमित पढ़ाई में लगातार कठिनाइयाँ होती थीं। विद्यालय की प्रधानपाठिका पुनिता एक्का ने बताया कि स्कूल में कुल 28 विद्यार्थी दर्ज हैं, लेकिन एकमात्र शिक्षक होने के कारण कई कक्षाएँ नियमित रूप से संचालित नहीं हो पाती थीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किए जाने से अब विद्यालयों की परिस्थितियों में उल्लेखनीय सुधार आया है। इसी प्रक्रिया के तहत धजाक प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक रामप्यारे उराँव की पदस्थापना की गई है। उनके आने से नियमित कक्षाएँ सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं और बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता आई है।

विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा चौथी की सोनिया, कक्षा पाँचवीं के सुखराज, और कक्षा तीसरी के रितेश खुशी से बताते हैं कि “अब हमारे स्कूल में नए गुरुजी आए हैं। वे हमें पढ़ाई कराते हैं, खेल भी खिलाते हैं। पहले कई क्लास खाली रह जाती थीं, अब ऐसा नहीं होता।”

शिक्षक व्यवस्था में इस सुधार ने न केवल बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाई है बल्कि धजाक जैसे दूरस्थ क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा दी है। यह कहानी बताती है कि सही पहल और समय पर लिए गए निर्णय किस तरह शिक्षा के उजियारे को हर कोने तक पहुँचा सकते हैं।

 

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By Shailendra Gupta

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