बिलासपुर, 14 फरवरी 2026 । जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन, भावना नियंत्रण एवं आत्महत्या रोकथाम विषय पर ज़िला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ज़िले के सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य तथा विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित रहे।कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की रुचि और क्षमता को पहचानना अत्यंत आवश्यक है। अभिभावकों को अपनी इच्छाएं बच्चों पर थोपने के बजाय उनके स्वभाव और योग्यता के अनुरूप मार्गदर्शन देना चाहिए। उन्होंने “99 प्रतिशत की दौड़” से बच्चों को दूर रखने और अपेक्षाओं को सीमित करने पर बल दिया।बच्चों को असफलता से सीखने और तनाव से निपटने की दी सलाहवरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि जीवन के संघर्षों को स्वयं पार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक और आनंदमय वातावरण बनाने की अपील की, ताकि बच्चों के मन में उत्पन्न तनाव और संशय को कम किया जा सके।कार्यशाला में डॉ. सुजाता पांडेय ने जीवन कौशल एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में ज़िला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे, सहायक कार्यक्रम समन्वयक सुश्री आरती राय, डॉ. अखिलेश तिवारी, अखिलेश मेहता सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में ज़िला शिक्षा अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। Post navigationसड़कों और पुलों से बदल रही तस्वीर, दूरस्थ गांव मुख्य धारा से जुड़ रहे उपमुख्यमंत्री मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल