कवर्धा – किस तरह शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जाता है अगर हमको यह समझना है तो हमको एक बार ग्राम बंदौरा अवश्य जाना चाहिए | ग्राम बंदौरा में बने शासकीय सार्वजनिक शौचालय इस बात का एक उदाहरण है |
हम बात कर रहे हैं ग्राम बंदौरा में बनाये गए शासकीय सार्वजनिक शौचालय के बारे में | सबसे पहले हम आपको ग्राम बंदौरा के बारे में बता दे कि यह ग्राम जिला कबीरधाम के जनपद पंचायत कवर्धा के अंतर्गत आता है | जिला मुख्यालय कवर्धा से इस ग्राम की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है | कवर्धा से नगर थान खमरिया जाने वाली मुख्य मार्ग के किनारे यह ग्राम स्थित है |
सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम जब इस ग्राम में पहुँची तो उसने देखा कि ग्राम बंदौरा में एक नाला बहता है और उस नाले को लोग बंदौरा नाले के नाम से जानते हैं | इसी बंदौरा नाले के किनारे शासकीय सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया है | इस क्षेत्र को केवट पारा के नाम से जाना जाता है |
जब हमने उस सार्वजनिक शौचालय के बारे में ग्राम के व्यक्ति से जानकारी ली तो ये बातें सामने आई कि इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण पूर्व सरपंच द्वारा किया गया है | यह ग्राम के वार्ड क्रमांक 07 एवं 08 दोनों के निवासियों के उपयोग हेतु बनाया गया है | साथ ही यह बात सामने आई कि यह सार्वजनिक शौचालय जिस स्थान पर बना है वह स्थान वार्ड क्रमांक 07 एवं 08 दोनों का संगम स्थल है | इस सार्वजनिक शौचालय के अंदर टायलेट सीट नही लगाया गया है | चूंकि इसे दो वार्ड के निवासियों के लिए बनाया गया है इस वजह से वहाँ दो कमरे का निर्माण किया गया है | इन दोनों कमरों में दरवाजा नाम की कोई चीज नही है या सीधे शब्दों में कहे तो इन्हें खुला छोड़ दिया गया है |
बिना टायलेट सीट एवं बिना दरवाजा वाले ये दोनों शौचालय आज किसी काम के लायक नही होने से अनुपयोगी है | इस तरह ये नाम मात्र के शासकीय सार्वजनिक शौचालय शो पीस की भाँति खड़े है |








