कबीरधाम – आबकारी विभाग स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की धज्जियां उड़ा रहा है | दिनांक 05 जून 2025 को यह देखा गया कि पांडातराई से पंडारिया मार्ग में सड़क किनारे भारी मात्रा में शराबियों द्वारा उपयोग किया गया डिस्पोसल गिलास , डिस्पोसल प्लेट, शराब् एवं विस्की की बोतले बिखरी हुई थी | यह क्षेत्र नगर पंचायत पांडातराई में आता है |आपको यह बता दे कि नगर पांडातराई जिला कबीरधाम का एक नगर पंचायत है एवं जिला मुख्यालय कबीरधाम से लगभग 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | यह नगर कवर्धा – बिलासपुर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है |आबकारी विभाग की लापरवाही के चलते यह क्षेत्र अघोषित रूप से बार बना हुआ है | यहाँ भरी दुपहरी में खेत, बगीचा, खाली भूखंड (प्लॉट) में शराबियों को शराब् का सेवन करते हुए देखा गया | शराबियों द्वारा उपयोग किये गये डिस्पोसल गिलास, डिस्पोसल प्लेट्स, डिस्पोसल कटोरी, शराब् की बोतलों से यह क्षेत्र भरा पड़ा है | नजदीक में जो नाली है वो भी ऐसे कचरे से भरा पड़ा था |एक तरफ केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार देश एवं प्रदेश को साफ सुथरा रखने के लिए विभिन्न योजनाओ का संचालन करती हैं एवं इनके संचालन हेतू करोडो अरबो रुपए खर्च करती हैं | मगर इसे एक विडंबना कहा जाए कि इसी सरकार का एक विभाग जिसे आबकारी विभाग कहते है की लापरवाही के चलते इतना महत्वपूर्ण एवं सुंदर योजना ध्वस्त हो जाता है |वैसे समाज के बुद्धिजीवियों में हमेशा यह चर्चा का विषय रहता है कि किन कारणों के चलते जिले का आबकारी विभाग शराबियों पर, चखना सेंटर के संचालकों पर सफाई के नियमोें को लेकर कठोरता क्यों नही बरतता ? उनके लिए इतना उदार एवं मेहरबान क्यों है ? क्यों खुले में हो रही शराबखोरी पर रोक नही लगाता ? आबकारी विभाग द्वारा सही एवं कठोर कारर्वाई नही किये जाने के कारण ही आज शराबप्रेमी कही भी और कभी भी शराब् का सेवन करते हुए देखे जाते है |Post navigationविश्व पर्यावरण दिवस पर जिला न्यायालय में किया गया पौधारोपण जिला स्तरीय रोजगार मेला 9 जून को, युवाओं को मिलेगा रोजगार का सुनहरा अवसर