पंडरिया – शवदाह संस्कार की जगह पर है धान का भूसा एवं बोरियां | जी हाँ यह पढ़ने में अटपटा जरूर लग रहा है लेकिन यह है शत प्रतिशत सत्य | हम बात कर रहे हैं ग्राम सरईसेत के बारे में जहाँ पर शवदाह संस्कार की जगह पर धान का भुसा एवं बोरियां रख दी गयी है |सबसे पहले हम आपको ग्राम सरईसेत की स्थिति के बारे में बता दे | यह ग्राम जिला कबीरधाम के जनपद पंचायत पंडरिया का एक ऐसा ग्राम है जो जिला के अंतिम छोर में है और साथ ही जिला मुंगेली के ग्राम डिन्डौरी से लगा हुआ है | जिला मुख्यालय कवर्धा से लगभग 65 – 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह ग्राम | सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम जब इस ग्राम में पहुँची तब उसने यह नजारा देखा | स्थानीय नागरिक से जब इस संबंध में चर्चा कर जानकारी ली गयी तो यह बात सामने आई कि इस ग्राम में पूर्व में दो और शवदाह संस्कार के लिए पक्का शेड का निर्माण किया जा चुका है | इस तीसरे एवं नवनिर्मित शवदाह संस्कार स्थल पर इसके उचित उपयोग से पहले ही इसमें धान भूसा एवं बोरियां रख दी गयी है | इस पक्के शेड में प्लास्टर भी नहीं हुआ है | यहाँ यह उल्लेखनीय है कि बहुत नजदीक में शासन का धान खरीदी केंद्र है | इस स्थान से लगा हुआ एक तालाब भी है जिनमें बने घाट बहुत ही जर्जर हालत में है | मुक्तिधाम प्रतिक्षालय के नाम पर बनाया गया एक पूर्व भवन बहुत ही बुरी तरह से जर्जर है | इस प्रतिक्षालय का मुख्य स्लेब का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर लटक रहा है | अगर इसे समय रहते नहीं गिराया गया तो यह कभी भी गिर सकता है जिससे जन या पशु धन की हानि हो सकती है | वर्तमान में इस जर्जर प्रतिक्षालय के बाजू में एक नये प्रतिक्षालय का निर्माण कर दिया गया है |Post navigationभोरमदेव जंगल सफारी: घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम में विभिन्न पदों पर संविदा भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित