मुंगेलीछत्तीसगढ़

जल जोहार” से सजेगा जल भविष्य: मुंगेली में 78 हजार जल संरचनाओं के निर्माण से बदलेगा गांव का स्वरूप

“कल के लिए जल” की थीम पर JSJB 2.0 का व्यापक अभियान, 24 क्लस्टरों में जनजागरूकता का शंखनाद

मुंगेली, 18 मार्च 2026 । जिले में जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने के उद्देश्य से जल संचय जन भागीदारी (JSJB 2.0) के अंतर्गत व्यापक स्तर पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। “जल जोहार” की थीम और “कल के लिए जल” के संदेश के साथ यह अभियान न केवल जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैला रहा है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट से निपटने की ठोस तैयारी भी कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत जिले के 24 क्लस्टरों में जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, वर्षा जल संचयन तथा जल बजट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित और जागरूक किया जा रहा है। गांव-गांव में सभाएं, संवाद और व्यवहारिक गतिविधियों के जरिए लोगों को अपने स्तर पर जल बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान की विशेषता यह है कि इसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता हो। इस अभियान में “वॉटर हीरो – जल प्रहरी” नीरज वानखड़े की सक्रिय भूमिका भी उल्लेखनीय है। वे पिछले 15 वर्षों से जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और उन्हें जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न क्लस्टरों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो लोगों को व्यवहारिक रूप से जल संरक्षण की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।

78 हजार से अधिक जल संरचनाओं का लक्ष्य

JSJB 2.0 के अंतर्गत जिले में लगभग 78,140 जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण, मरम्मत और संरक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन कार्यों को 30 अप्रैल तक पूर्ण कर पोर्टल पर अपलोड करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान जल संकट से दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

विभागीय समन्वय से मिलेगा अभियान को बल

इस अभियान की सफलता के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। जल संसाधन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन विभाग, एटीआर लोरमी, कृषि विभाग, नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर बड़े पैमाने पर कार्य कर रहे हैं। इन विभागों द्वारा सोख्ता गड्ढे, तालाब गहरीकरण, स्टॉप डेम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कच्ची नालियां, आजीविका डबरी तथा अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। विशेष रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सर्वाधिक 37,840 कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो इस अभियान की व्यापकता को दर्शाता है।

प्रशासन की अपील— “मोर गांव, मोर पानी”

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि “JSJB 2.0 केवल एक योजना नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी का सशक्त माध्यम है। ‘मोर गांव मोर पानी’ की भावना के साथ प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी होगी। इससे आने वाले समय में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।” वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि “सभी विभागों के समन्वय से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। 24 क्लस्टरों में चल रहे जनजागरूकता अभियान इस योजना की सफलता की कुंजी हैं। जनसहभागिता से ही स्थायी जल संरक्षण संभव है।”

जल संरक्षण बनेगा जन आंदोलन

JSJB 2.0 का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का रूप देना है। इसके तहत गांव-गांव में जल संरचनाओं का निर्माण, वर्षा जल संचयन और भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। यदि यह अभियान निर्धारित समय और जनसहभागिता के साथ सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में मुंगेली जिला जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है। “जल जोहार” के इस प्रयास से न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Shailendra Gupta

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