दुर्ग – 20 जुलाई को वर्धा नागपुर में डीटीएमआर विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में कटे होंठ और तालु के रोगियों के साथ जन्मजात दोषों के प्रत्यारोपण पर व उनके शोध के लिए रिजवाना दल्ला मलिक को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया। बतादें डॉ रज्जाक दल्ला एवं डॉ नुर बानो दल्ला जूबेसता अस्पताल रायपुर की सुपुत्री है एवं अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यकार एम.जे.एफ. लायन डॉ. रौनक जमाल दुर्ग की भांजी है डॉ रौनक जमाल ने कहा इस उपाधि को प्राप्त कर उन्होंने ने छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु पूरे राष्ट्र को गौरान्वित किए है |Post navigationभारतीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगे हुए प्रतिबंध को भारत सरकार द्वारा हटाया गया है, जो एक अत्यंत ऐतिहासिक एवं स्वागत योग्य कदम है। विजय साहू बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं पर अत्याचार, हिंदू मंदिरों पर हमला और हिन्दुओं की हत्या के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा