कवर्धा, 18 नवंबर 2025 । कबीरधाम जिले के ग्राम कान्हाभैरा निवासी रामाधार बंजारे ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में पंथी नृत्य में भारत का प्रतिनिधित्व कर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को मंच पर प्रतिष्ठित किया है। उनके इस उत्कृष्ट योगदान के सम्मान स्वरूप मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री स्वेच्छा मद से 5 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान मद से 5 लाख रूपए का चेक प्रदान किया।कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बंजारे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी कला और समर्पण ने न केवल जिले का, बल्कि पूरे राज्य का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है, और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने वाले कलाकारों का योगदान अमूल्य है। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अजय कुमार त्रिपाठी, अपर कलेक्टर विनय पोयाम, नरेन्द्र पैकरा, एसडीएम संदीप ठाकुर, शिल्पा देवांगन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री रूचि शार्दुल, आरबी देवांगन सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।सम्मान प्राप्त करने के उपरांत रामाधार बंजारे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कलेक्टर गोपाल वर्मा सहित जिला प्रशासन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत उत्साह को बढ़ाने वाला है, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को आगे ले जाने के उनके संकल्प को भी और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला और परंपराओं को सम्मान दिलाना उनके लिए गर्व का विषय है और शासन तथा प्रशासन के इस प्रोत्साहन से वे भविष्य में और भी उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों के साथ प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होने कहा कि इस सहयोग से कलाकारों के मनोबल को बढ़ाता है तथा उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रेरित करता है।अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंची छत्तीसगढ़ के लोककलाओं की गूंजउल्लेखनीय है कि 13 से 25 फरवरी तक मिस्र में आयोजित इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंथी नृत्य, कर्मा नृत्य तथा बस्तर के पारंपरिक आदिवासी नृत्यों की अद्भुत प्रस्तुति ने वहाँ उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भावविभोर कर दिया। इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा, कबीरधाम, कोरबा, जशपुर, मुंगेली और राजनांदगांव जिले के प्रतिभावान युवाओं ने सहभागिता कर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर मजबूती से स्थापित किया। Post navigationकलेक्टर गोपाल वर्मा ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत अधिकारियों को दिलाई शपथ विशेष गहन पुनरीक्षण: बीएलओ को घर-घर पहुँचकर सत्यापन के निर्देश, धीमी प्रगति पर होगी कार्रवाई