बेमेतरा, 10 जुलाई 2026 । जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेमलता पदमाकर के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज विकासखंड साजा अंतर्गत ग्राम पंचायत पातरझोरी में विशेष जनचौपाल का आयोजन किया गया। जनचौपाल के माध्यम से निर्माणाधीन एवं लंबित आवासों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करते हुए आवास निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।जनचौपाल के दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है, जबकि कुछ स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ भी नहीं हो पाया है। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित हितग्राहियों, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी लंबित एवं अप्रारंभ आवासों का निर्माण कार्य आगामी एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से प्रारंभ कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है, तो संबंधित हितग्राहियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध शासन के नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।जनचौपाल में उपस्थित हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उन्हें योजना के प्रावधानों, निर्माण की गुणवत्ता तथा समय पर कार्य पूर्ण करने के महत्व की जानकारी भी दी गई। साथ ही आवास निर्माण में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत की आवास शाखा के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत पातरझोरी के सरपंच, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। Post navigationएफएसएसएआई के ईट राइट इंडिया अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का किया गया विस्तृत मूल्यांकन 18 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का महाअभियान, बिलासपुर में लगेंगे लाखों पौधे