कवर्धा – आम जनता की सुविधा का कोई फिक्र नहीं है |जी हाँ आज हम अपने पाठकों को एक ऐसे शासकीय कार्यालय के बारे में बता रहे है जहाँ आम जनता की सुविधा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है | जिला मुख्यालय कवर्धा में तहसील कार्यालय कवर्धा संचालित होता है | जहाँ प्रतिदिन भारी संख्या में आम जनता विभाग से संबंधित कार्यो को लेकर आती हैं | इन लोगों में स्थानीय नागरिक के साथ ही साथ दूर – दराज के नागरिक भी होते हैं | उम्र की बात की जाए तो इसमें बच्चें , जवान , अधेड़ एवं बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग होते हैं |कार्यालय पहुँचे लोगों के लिए आज इस कार्यालय में सही हालत में फर्नीचर उपलब्ध नहीं है जिसमे कि आराम से उसमें बैठकर अपनी थकान मिटाया जा सके और सरकारी काम होने का इंतजार किया जा सके |एक सही हालत के फर्नीचर के अभाव में वहाँ मौजूद आम जनता वहाँ रखे टूटी – फटी हालत के स्टील सोफा पर बैठने को मजबूर हो जाती है | उस टूटी फटी स्टील सोफा में लोगों को बैठे देखकर यह लगता है कि विभाग प्रमुख को आम जनता की सुविधा से कोई लेना देना नहीं है और मानवीय संवेदना मर चुकी है | अगर विभाग के प्रमुख एवं जिम्मेदार अधिकारी के मन में आम जनता की सुविधा का थोड़ा सा भी ख्याल रहता तो उस स्टील सोफा का मरम्मत करवा दिया जाता या किसी दूसरे फर्नीचर की व्यवस्था करवा दी जाती |Post navigationमहतारी वंदन योजना से श्रृंगार व्यवसाय को मिल रही नई मजबूती, मोनी साहू बनीं आत्मनिर्भर ले आउट से हटकर किया जा रहा है काम | कार्यस्थल से नदारत मिले उपअभियंता आर. के. कपिल | मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना की हकीकत | कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों का नहीं दे सके संतोषप्रद जवाब | मामला ग्राम कोसमंदा का | कार्यस्थल पर रखा हुआ देखा गया घटिया गुणवत्ता का मिट्टीयुक्त रेत | कार्यपालन अभियंता है सुरेंद्र कुमार पटेल ||