बेमेतरा, 11 मई 2025 / कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशानुसार बेमेतरा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दिनांक 10 मई 2025 को महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने विकासखंड बेमेतरा के ग्राम बहेरा एवं ग्राम जेवरी में दो प्रस्तावित बाल विवाहों को सफलतापूर्वक रोका।

प्राप्त सूचना के आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी सी.पी. शर्मा के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम वास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने मौके पर पहुँचकर कार्यवाही की। टीम में परियोजना अधिकारी यमुनेश पाण्डेय, मनोरमा साहू, सेक्टर पर्यवेक्षक स्मिता सिंह, कनकमणि पटेल सहित पुलिस विभाग, ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं कोटवार उपस्थित रहे।

टीम द्वारा दोनों परिवारों को समझाइश दी गई तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। परिजनों ने बालक-बालिका के निर्धारित वैधानिक आयु पूर्ण होने के पश्चात ही विवाह करने की सहमति दी और तत्काल विवाह स्थगित कर दिया।

अधिनियम के अनुसार बाल विवाह कराने पर 2 वर्ष तक का कठोर कारावास या एक लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। बाल विवाह रोकथाम के लिए ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच व कोटवार को प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। आमजन से अपील की गई है कि बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या मोबाइल नंबर 8319141116, 8269844404 पर तत्काल दें।

साथ ही सेवा प्रदाताओं — धर्मगुरु, पुरोहित, बैंड-बाजा, हलवाई, टेंट, कैमरा, वीडियोग्राफर, प्रिंटिंग प्रेस एवं डीजे संचालकों से भी आग्रह किया गया है कि वे सेवा प्रदान करने से पूर्व वर-वधु की आयु कानूनी मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करें।

 

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By Shailendra Gupta

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