मुंगेली, 27 मई 2025 । जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार गिरते भूजल स्तर और पेयजल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए ठोस प्रयास करना है। जिले के 168 गांवों में भूजल स्तर लगभग 200 फीट तक नीचे चला गया है, जिससे गर्मी के मौसम में पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। इस संकट को दूर करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों जैसे सोखता गड्ढा, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप गड्ढा, भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वर्षा जल संचयन आदि पर जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पांडेय के निर्देशन में गांव-गांव में प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही डिफंक्ट नलकूप और बोरवेल्स को चिन्हांकित कर उनमें सेंड फिल्टर बनवाया जा रहा है, जिससे वर्षा जल सीधे जमीन में जाकर भूजल स्तर में वृद्धि करेगा। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों द्वारा श्रमदान करते हुए नालों में बोरी बंधान किया जा रहा है, ताकि पानी का बहाव धीमा हो और अधिक से अधिक मात्रा में जल भूमि में समाहित हो सके। यह पहल जल संरक्षण के क्षेत्र में समुदाय की भागीदारी को मजबूत कर रही है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जल संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

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By Shailendra Gupta

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