मुंगेली, 11 जुलाई 2025 । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप एवं कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन में किसानों के लिए जिले के 66 सहकारी समितियों के माध्यम से 15 हजार क्विंटल बीज और 19 हजार 162 क्विंटल उर्वरक वितरित किया जा चुका है। जिला प्रशासन की सक्रियता से किसानों को खेती-किसानी के लिए समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो रहा है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी, ठोस डीएपी का बेहतर विकल्प है, इससे न केवल लागत में कमी आती है, बल्कि उत्पादन एवं गुणवत्ता भी बढ़ती है। किसान अपनी खेती में डीएपी के स्थान पर नैनो डीएपी का उपयोग कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी उर्वरक में खेती के लिए बेहतर पोषक तत्व भी मिलता है। वैज्ञानिकों ने किसानों को नैनो डीएपी, एनपीके, एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी है। Post navigationजिला ग्रंथालय में विद्यार्थियों को जनमन पत्रिका का वितरण उर्वरक विक्रय में अनियमितता पर 13 कृषि केन्द्रों को नोटिस जारी कर 03 केन्द्रों के उर्वरक विक्रय पर लगा प्रतिबंध