कबीरधाम – गिरवर जायसवाल जी हाँ हम बात कर रहे हैं एक ऐसे शख्स के बारे में जो प्रतिभा के धनी है | ग्राम मरका में लव कुश नाम से एक निजी उच्च विद्यालय संचालित किया जा रहा है | इस विद्यालय के संचालक का नाम है गिरवर जायसवाल |
गिरवर जायसवाल की प्रतिभा के बारे में बताने से पहले हम आपको यह बता दे कि ग्राम मरका एक ग्राम पंचायत है और यह ग्राम पंचायत जिला कबीरधाम के जनपद पंचायत कवर्धा के अंतर्गत आता है | जिला मुख्यालय कबीरधाम से ग्राम मरका की दूरी लगभग 22 किलोमीटर है |
गिरवर जायसवाल अपने विद्यालय का संचालन तो करते ही है साथ ही इन्हें कविता लिखने का भी शौक है या यह कहे कि ये कविता लिखने में निपुण हैं | सुपर समर्थन की चिठ्ठी की टीम ने जब विद्यालय पहुँच कर देखा तो यह पाया कि प्रतिभा के धनी होते हुए भी इनका जीवन शैली बहुत ही सरल है |
सुपर समर्थन की चिठ्ठी की टीम से इन्होंने चर्चा करते हुए बताया कि विद्यालय शुरू करने से पहले मैंने केंद्र सरकार की साक्षर भारत योजना में काम किया है | इस योजना में मेरे काम को देखकर तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा मुझे मुख्यमंत्री अक्षर सम्मान समारोह में सम्मानित भी किया गया है | यह सम्मान मुझे तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ॆकर के हाथों से प्राप्त हुआ है | साथ ही मुझे पच्चीस हजार रुपए का चेक भी पुरस्कार के रूप में प्राप्त हुआ है | मुख्यमंत्री अक्षर सम्मान समारोह का आयोजन 15 सितंबर 2017 को हुआ था | इस कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह भी मंच में मौजूद थे | यह पल मेरे लिए गौरवशाली रहा |
आज विद्यालय के संचालन में मेरी दो उच्च शिक्षित बेटियां मेरा हाथ बटाती हैं | आज की स्थिति में मेरे विद्यालय में नर्सरी कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक की शिक्षा दी जाती है | मेरे यहाँ विद्यार्थियों की दर्ज संख्या 360 है |
हमारे द्वारा जब उनसे अपनी स्वरचित कविता को सुनाने का अनुरोध किया गया तो उनके द्वारा दो कविताओं का पाठ किया गया | जिसे आप हमारे यू ट्यूब चैनल सुपर समर्थन की चिठ्ठी पर भी जाकर सुन सकते हैं | इनकी कविता में बेरोजगारी को लेकर उपजे पीड़ा को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है तो साथ ही ये लोगों को शिक्षित बनने के लिए भी प्रेरित करते नजर आते हैं | इनकी दूसरी कविता में प्रकृति को पहुँचाये जा रहे नुकसान को लेकर इनका दर्द झलकता है | कुछ कविता छत्तीसगढ़ी बोली में है तो कुछ कविता हिंदी भाषा में भी है | इस तरह इनकी दोनों बोली एवं भाषा में अच्छी खासी पकड़ है |




