जांजगीर-चांपा , 29 सितम्बर 2025 । कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्ट्रेट परिसर से बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर , जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिता अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थि थे।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प अनुरूप छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत राज्य को वर्ष 2028 से 2029 तक बाल विवाह मुक्त घोषित करने के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु बाल विवाह रोकथाम जागरूकता रथ रवाना किया गया। राज्य शासन द्वारा जिले के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम रथ को रवाना कर समस्त गांव एवं शहरों में दुर्गा पंडालों में बाल विवाह के दुष्परिणामों को अवगत कराते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को बाल विवाह की रोकथाम हेतु जागरूक किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित उम्र से कम होने की स्थिति में बाल विवाह करने पर पुलिस विभाग द्वारा अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवाह करने वाले माता-पिता, विवाह में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदार, विवाह कराने वाले पंडित के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। अधिनियम के तहत 02 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास तथा 01 लाख के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जाने का प्रावधान है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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