कवर्धा 17 मार्च 2026। भोरमदेव महोत्सव की संस्कृति संध्या कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं शास्त्रीय सांस्कृतिक परंपराओं का मनमोहक प्रदर्शन किया जा रहा है। स्थानीय एवं अन्य जिलों से आए कलाकारों द्वारा आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।कार्यक्रम में ग्राम बरपानी के मोहन ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय का पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। इस लोकनृत्य ने आदिवासी संस्कृति की झलक पेश करते हुए दर्शकों की आकर्षक का केंद्र रहा। कवर्धा और बोड़ला स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने “रामेश्वरम दर्शन” एवं “नरसिंह अवतार” पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। छात्राओं की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। शास्त्रीय नृत्य की कड़ी में रायपुर की अक्षिता दुबे और कवर्धा की दुर्गेश्वरी चंद्रवंशी ने कत्थक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को प्रभावित किया। उनके सधे हुए कदम और आकर्षक मुद्राओं ने खूब तालियां बटोरीं।इसी क्रम में बिलासपुर के युवराज सिंह लोनिया ने सुमधुर भजन प्रस्तुत कर माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। वहीं अध्या पांडे ने भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मोहम्मद असन की वाद्य प्रस्तुति ने भी दर्शकों को खासा प्रभावित किया। उनकी धुनों पर दर्शक झूम उठे। Post navigationखनिजों के अवैध उत्खनन व परिवहन पर 01 जेसीबी, 04 हाइवा व 02 ट्रेक्टर ट्राली सहित 07 वाहन जप्त महतारी वंदन के हर किस्त के साथ बढ़ा भरोसा, महिलाओं की जिंदगी में आया सकारात्मक बदलाव