कबीरधामकवर्धाछत्तीसगढ़

अवैध धान परिवहन व खपाने पर कोचियों, बिचौलियों पर करें सख्त कार्रवाई-कलेक्टर गोपाल वर्मा

नोडल अधिकारियों को किसानों से सीधे संवाद कर समस्या का निराकरण करने के दिए निर्देश

कवर्धा, 17 दिसंबर 2025। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि कबीरधाम जिला मध्यप्रदेश की सीमा से लगा होने के कारण यहां अवैध रूप से धान खपाने की आशंका अधिक रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कोचियों और बिचौलियों द्वारा किए जाने वाले किसी भी अवैध प्रयास पर सख्त एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए सतत निगरानी अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाई जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धान उपार्जन केंद्रों में वास्तविक किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारू और किसान-हितैषी बनी रहे, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन सभी विषयों को लेकर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में खाद्य विभाग और सभी धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें निर्देश दिए।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह किसान-हितैषी, सुचारू और पारदर्शी रहे, यह सुनिश्चित करना नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से धान खरीदी केंद्रों में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करें और यदि किसी भी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल निराकरण करें। उन्होंने कहा कि किसानों को बार-बार भटकने की स्थिति न बने, इसके लिए हर समस्या का समाधान केंद्र स्तर पर ही किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों के खसरे एग्रीस्टेक पोर्टल में लिंक नहीं हो पाए हैं, उनकी पहचान कर प्राथमिकता के साथ लिंकिंग की जाए। इसके लिए संबंधित पटवारी और तहसीलदार से समन्वय स्थापित कर खसरों का सत्यापन कराया जाए तथा समिति स्तर पर ही एग्रीस्टेक में लिंकिंग की प्रक्रिया पूर्ण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र किसान का नाम केवल तकनीकी कारणों से धान खरीदी से वंचित नहीं होना चाहिए।

कलेक्टर वर्मा ने धान खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट की अद्यतन जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान की स्टॉकिंग सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक ढंग से की जाए, जिससे गणना एवं सत्यापन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने धान उठाव की स्थिति की भी समीक्षा करते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की प्रक्रिया में निरंतर प्रगति बनी रहनी चाहिए, ताकि खरीदी कार्य बिना किसी अवरोध के लगातार संचालित होता रहे। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ऐसे किसान जिन्होंने धान की फसल नहीं ली है, उनके शत प्रतिशत रकबा समर्पण कराया जाए। इसके साथ ही ऐसे कृषक जो एक बार मे अपना पूरा धान बेच चुके हैं और कोई रकबा शेष बचता हो तो उसे भी समर्पित कराएं। इसके लिए समिति स्तर पर प्रयास किए जाएं।

कलेक्टर वर्मा ने समितियों में धान बेचने आने वाले किसानों के वाहन की फोटो खींचकर गेट पास ऐप में अपलोड किए जाने के निर्देश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कटने वाले टोकन पर बिक्री के लिए आने वाले किसान जिस वाहन में धान लेकर आते हैं उसकी पर्ची बनाने के बाद तत्काल फोटो खींचकर अपलोड कराया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह पारदर्शी खरीदी व्यवस्था का एक प्रमुख चरण है। अतः आवश्यक है कि हर केंद्र से प्रतिदिन आने वाले वाहनों की फोटो ऑनलाइन प्रविष्ट की जाए। बैठक में खाद अधिकारी सचिन मरकाम, सहायक खाद अधिकारी अनिल वर्मा, मदन साहू, डीएमओं सहित अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

Shailendra Gupta

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