कबीरधाम, 9 अगस्त 2025। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा जारी स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के तहत ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’ के अवसर पर कबीरधाम जिले के विभिन्न स्थानों में आदिवासियों के अधिकार एवं उनके प्रवर्तन से संबंधित विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।

माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम, सत्यभामा अजय दुबे के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में आदिवासी समुदाय के लोगों को उनके संवैधानिक व कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। इसी श्रृंखला में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम के सचिव अमन तिग्गा ने नगर के अनुसूचित जाति/जनजाति बालिका छात्रावास एवं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में छात्र-छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987, बाल श्रम निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, मोटरयान अधिनियम के अनिवार्य प्रावधान, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012, साइबर अपराध एवं आईटी एक्ट की प्रमुख धाराओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

गौरतलब है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नालसा को न्याय की सुलभ प्राप्ति हेतु योजनाओं के निर्माण व उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। इसी पहल के तहत नालसा द्वारा “आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवा योजना” संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा उन्हें विधिक सहायता व लाभकारी योजनाओं से जोड़ना है।

इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम के पीएलव्हीगण द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जो न्याय की सुलभ प्राप्ति हेतु एक सेतु की तरह कार्य करते हुए लोगों को कानूनी अधिकारों और सेवाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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