मोहला – मानपुर – अंबागढ़ चौकी – भक्तो की मनोकामनाओ को पूरा करने वाली माँ दंतेश्वरी का बहुत प्राचीन मन्दिर स्थित है नगर अंबागढ़ चौकी में | जी हां आपको हम जानकारी दे रहे है एक ऐसे मन्दिर के बारे में जो उतना ही प्राचीन है जितना की वह नगर जिसमे वह मन्दिर स्थित है |दिनांक 09/06/2025 को सुपर समर्थन की चिट्ठी के प्रतिनिधि अक्षय गुप्ता जब देवी माँ का दर्शन करने मन्दिर पहुँचे तो वहाँ मन्दिर में मौजूद मन्दिर के पंडा से मुलाकात हुई | मन्दिर के पंडा ने अपना परिचय देते हुए बताया कि उनका नाम किताब सिंह कुंजाम है और वो वर्षों से देवी मां की सेवा एवं मन्दिर का देखरेख करते आ रहे है | उनसे पूर्व उनके पिता भी देवी माँ की सेवा एवं मन्दिर का देखरेख किये |आपको यह बताना भी जरूरी है की माँ दंतेश्वरी का यह प्राचीन मन्दिर नगर अंबागढ़ चौकी में है | यह नगर जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी में आता है | पिछली सरकार के समय इस जिले का निर्माण हुआ | जिले का नाम तीन नगरों के सयुक्त नाम से है | हालांकि जिला मुख्यालय नगर मोहला है | जिला मुख्यालय मोहला से नगर अंबागढ़ चौकी की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है | नगर डोंगरगांव से भी नगर अंबागढ़ चौकी की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है | इस तरह जिला मुख्यालय मोहला एवं नगर डोंगरगांव से नगर अंबागढ़ चौकी की दूरी लगभग एक समान है | नगर मोहला एवं नगर डोंगरगांव के मुख्य मार्ग के किनारे नगर अंबागढ़ चौकी स्थित है | छत्तीसगढ़ के प्रमुख नदियों में से एक महत्वपूर्ण नदी शिवनाथ यहाँ से होकर बहती है | प्राकृतिक सुंदरता को समेटे हुए यह नगर दूर से ही बहुत सुंदर नजर आता है |नगर अंबागढ़ चौकी के संक्षिप्त भौगोलिक जानकारी के बाद हम आपको पुनः ले चलते है मन्दिर के ऐतिहासिक जानकारी की ओर | मन्दिर के पंडा ने मन्दिर के संबंध में आगे बताया कि मान्यता के अनुसार स्थानीय राजा का दीवान एक दिन शिकार करने के उद्देश्य से पहाड़ी में गया तो उसने उस पहाड़ी में देवी माँ की मूर्ति एक त्रिशूल के साथ देखा | कुछ समय बीतने के बाद उस मूर्ति एवं त्रिशूल को पहाड़ी से नीचे लाया गया ताकि माँ के भक्तों को देवी माँ का दर्शन करने में कठिनाई ना हो | दिन सोमवार एवं गुरुवार को यहाँ खास माना जाता है | नवरात्रि के दोनों अवसरों (चैत्र नवरात्रि एवं क्वार नवरात्रि ) में यहाँ देवी माँ के भक्त ज्योत जलवाते हैं | बीते चैत्र नवरात्रि में 737 ज्योति कलश की स्थापना की गई थी | अनेक ग्रामों, विभिन्न शहरों के साथ ही दूसरे राज्यों के श्रद्धालु एवं भक्तगण यहाँ भारी संख्या में देवी माँ का दर्शन करने आते हैं |प्रतिनिधि अक्षय गुप्ता ने मन्दिर पहुँचकर यह भी देखा की उस मन्दिर में उसके पहुँचने से पहले ही एक कलाकार की मौजूदगी थी जो देवी के भजन में नृत्य करने में कुशल है | प्रतिनिधि द्वारा उस कलाकार से परिचय होने के उपरांत जब उसे उसके कला की प्रस्तुति की संबंध में बारबार आग्रह किया गया तो व कलाकार अपना नृत्य प्रस्तुत करने को तैयार हुआ | नृत्य का वीडियो देखने के लिए आप को हमारा यू ट्यूब चैनल सुपर समर्थन की चिठ्ठी देखना होगा | इस कलाकार के स्वभाव में इतनी सादगी एवं सरलता थी कि उसने स्वेच्छा से दिये गए राशि को भी लेने से इंकार कर दिया | काफी जिद के बाद ही उसने उस राशि को रखा |Post navigationआरटीई पोर्टल प्रशिक्षण सम्पन्न: निजी विद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने दिशा-निर्देश आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में होगा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन