मुंगेली , 25 अक्टूबर2025 । भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा संचालित एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से अब किसानों से धान उपार्जन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह व्यवस्था किसानों को पारदर्शी और सरल प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। इस प्रणाली के तहत पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप धान की खरीदी की जाएगी। उपार्जन हेतु किसानों को अब ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं होगी। किसान अपनी एग्रीस्टेक पंजीकरण आई.डी.के माध्यम से उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय कर सकेंगे। इससे किसानों को न केवल बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता भी सुनिश्चित होगी।कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन करवाने वाले कृषकों के लिए यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं कुछ विशेष श्रेणियों के कृषकों जैसे संस्थागत पंजीयन वाले भूमिहीन किसान (अधिया/रेग), डुबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टा प्राप्त किसान और ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) आदि को छूट प्रदान की गई है, हालांकि, यह छूट केवल उसी स्थिति में लागू रहेगी, जब संबंधित भूमि पर गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर फसल का वास्तविक आकलन किया गया हो। किसी भी परिस्थिति में बिना सत्यापन के फसल खरीदी नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था से किसानों को धान उपार्जन केंद्रों में बार-बार दस्तावेज़ी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी नहीं होगी। साथ ही, राज्य एवं केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के अंतर्गत खरीदी प्रक्रिया में तकनीकी पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी Post navigationमहिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने कार्यशाला का हुआ आयोजन जल जीवन मिशन : मुख्य अभियंता ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण