पिपरिया – छात्रावास के अधीक्षक रात्रि में अपने छात्रावास में नहीं रुकते | मामला नगर पंचायत पिपरिया का है |नगर पिपरिया एक नगर पंचायत है | कवर्धा – रायपुर राष्ट्रीय मार्ग के किनारे और जिला मुख्यालय कवर्धा से लगभग दस किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बिरकोना से बाँयी ओर यह नगर लगभग तीन – चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |सुपर समर्थन की चिठ्ठी की टीम जब अपने सामान्य दौरे में दिनांक 27 जुलाई 2026 को नगर पिपरिया स्थित प्री मेट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास पहुंची तो यह बात सामने आई कि इस छात्रावास में प्रहलाद पात्रे नामक अधीक्षक पदस्थ है और अभी अनुपस्थित है | यह छात्रावास पचास सीटर है |उस समय वहाँ एक कर्मचारी मौजूद था जिसने अपने आप को वहाँ का रसोइया बताया | उक्त रसोइये से हमारे द्वारा पूछने पर जानकारी मिली की जब से प्रहलाद पात्रे यहाँ बतौर अधीक्षक पदस्थ हुए है तब से लेकर आजपर्यंत वह अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन करने के नाम से कभी भी रात में छात्रावास में नहीं रुकते और इस छात्रावास को वहाँ पदस्थ योगेश नवरंग नामक चौकीदार के भरोसे छोड़कर चले जाते है |छात्रावास के अधीक्षक पात्रे की मनमानी करने की प्रवृत्ति को जानने के बाद यह जानकारी जब हमारे द्वारा मोबाइल फोन से सहायक आयुक्त पटेल को दी गई तो उनके द्वारा कहा गया कि मैं उक्त अधीक्षक के नाम पर नोटिस काटता ( जारी ) हूँ |यहाँ यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है कि जब जिला मुख्यालय के नजदीक के छात्रावास की यह स्थिति है और अधीक्षक के पद पर बैठा एक साधारण कर्मचारी गलत और लापरवाह होकर काम करता है तो जिला मुख्यालय से दूर के छात्रावासों की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है | Post navigationराजीव गाँधी सेवा केंद्र बना निजी आवास | एक शासकीय भवन का बेजा इस्तेमाल | मामला ग्राम जेवड़न कला का | शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महराजपुर में ‘सरस्वती साइकिल वितरण समारोह’ संपन्न | 54 छात्राओं को मिली साइकिले | पढ़ाई की राह हुई आसान